गुरमेहर के शहीद पिता अपनी बेटी के व्यवहार से मायूस होंगे : किरेन रिजीजू

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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजीजू ने गुरमेहर के बयानों पर सुबह-सुबह यह तक कह डाला कि गुरमेहर के शहीद पिता अपनी बेटी के व्यवहार से मायूस होंगे| उन्होंने कहा कि “ये वही लोग हैं जो 1962 में भारत और चीन के बीच हुए युद्ध में चीन का साथ दे रहे थे| यह वही लोग हैं जो जवान के शहीद होने पर जश्न मनाते हैं| आज गुरमेहर के पिता भी उससे मायूस होंगे|”

गुरमेहर कौर को लेकर जहां हर राजनीतिक पार्टी बयान दे रही है वहीं देश की अंतरिक सुरक्षा के लिए जिम्मेदार मंत्रालय और उसके मंत्रियों का कहना है कि देश को गाली देना अभिव्यक्ति को आजादी नहीं है| वैसे बीस साल की गुरमेहर ने बेशक दिल्ली यूनिवर्सिटी के उस अभियान से नाता तोड़ लिया हो जिसके चलते कैम्पस में सुरक्षा का मुद्दा उठाया जा रहा था, लेकिन केंद्रीय गृह राज्यमंत्री  गुरमेहर के हाल में दिए गए बयानो को नहीं भूल पाए|

मंत्रीजी ने हालांकि गुरमेहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी ली| उन्होंने कहा कि गुरमेहर को घबराने की कोई जरूरत नहीं, उसकी सुरक्षा मेरी जिम्मेदारी है| “चाहे बीस साल लड़की हो या कोई और किसी को किसी से डरने की जरूरत नहीं| बच्चे चाहे कुछ कहें, बस देश को गाली देने से बचना चाहिए|”

लेकिन राष्ट्रवाद को लेकर क्या एक बीस साल की छात्रा से सोशल मीडिया पर हो रही बहस का हिस्सा एक केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को होना चाहिए? जब यह सवाल रिजीजू से पूछा तो उन्होंने कहा जरूर होना चाहिए|  “देश सबसे बड़ा है|”

बढ़ते हुए विवाद को देखते हुए गुरमेहर के नजदीकी लोगों का अब कहना है कि वह दिल्ली से बाहर चली गई है| मामला संगीन होता जाता देख बड़े मंत्री ने बात सम्भाली कहा कि वह भी देश की बेटी है| केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा “गुरमेहर को कहीं जाने की जरूरत नहीं| वह सुरक्षित है| वह हमारी बेटी है|”