फारुक अब्दुल्ला ने कश्मीरी पत्थरबाजों पर कहा- वे भूखे रहेंगे लेकिन देश के लिए पथराव करेंगे

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बुधवार को नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने एक बयान में पत्थरबाजों की तारीफ की है।

फारुक ने कहा, मैं मोदी साहब को बताना चाहता हूं कि इसमें कोई शक नहीं कि पर्यटन हमारी जिंदगी है लेकिन पथराव करने वालों के पास पर्यटन को बिगाड़ने के लिए कुछ नहीं है. वे भूखे रहेंगे लेकिन देश के लिए पथराव करेंगे और यही हमें समझने की जरूरत है.यह समझने की जरूरत है कि अगर वो अपनी जान दे रहा है तो वो टूरिज्म के लिए जान नहीं दे रहा है। वो जान दे रहा है कि इस वतन का फैसला होना चाहिए, जो यहां के लोगों को कबूल हो।

फारूक ने कहा, “हमारी लड़ाई उन लोगों के खिलाफ है जो हमें धर्म के आधार पर बांटना चाहते हैं। यह पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच की लड़ाई नहीं है, यह सांप्रदायिक ताकतों को हराने की लड़ाई है।”

कश्मीर के गुमराह युवकों को संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (2 अप्रैल) को कहा कि ‘40 साल के रक्तपात’ से किसी का फायदा नहीं हुआ और युवाओं को राज्य के विकास एवं भलाई के लिए आतंकवाद के मुकाबले पर्यटन को तवज्जो देना चाहिए.

उन्होंने कहा था, ‘पिछले 40 वर्षों में बहुत रक्तपात हुआ है. मेरी अपनी घाटी खून से लथपथ रही है, मेरे प्यारे कश्मीरी युवाओं, मेरे हिंदुस्तान के प्यारे युवाओं..इस रक्तपात से किसी का फायदा नहीं हुआ है.’ प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कश्मीर के लोगों ने उसी 40 वर्षों को पर्यटन के विकास के लिए समर्पित किया होता तो आज यहां विश्व स्तर का पर्यटन होता.

नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने मंगलवार को दावा किया कि जम्मू और कश्मीर की दो सीटों पर होने जा रहे लोकसभा उप-चुनाव लोगों के लिए देश भर में फासीवाद और क्रूरता की लहर के खिलाफ लड़ने का एक मौका है.फारुक ने दावा किया कि यह चुनाव फासीवाद और गरिमा के बीच टिके रहने की जंग है, जिसमें एक तरफ भाजपा का सांस्कृतिक एवं अत्याचारी हमला है और दूसरी तरफ कश्मीरियों का सामूहिक सम्मान और उनकी प्रतिष्ठा है.

श्रीनगर लोकसभा सीट से एनसी-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार फारुक ने बड़गाम के खान साहिब विधानसभा क्षेत्र और ईदगाह के सफाकदल इलाके में जनसभाओं को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की. श्रीनगर और अनंतनाग लोकसभा क्षेत्र में क्रमश: नौ और 12 अप्रैल को उप चुनाव होना है.

फारूक के बयान को नरेंद्र मोदी के उस बयान का जवाब कहा जा रहा है कि जिसमें मोदी ने कश्‍मीर के यूथ को टेररिज्म की जगह टूरिज्म की राह पर चलने की सलाह दी थी.