आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के आेपनिंग मैच इंग्लैंड ने टॉस जीतकर बांग्लादेश के खिलाफ पहले फील्डिंग को चुना

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आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के आेपनिंग मैच में मेजबान इंग्लैंड ने टॉस जीतकर बांग्लादेश के खिलाफ पहले फील्डिंग को चुना। ये मैच ओवल स्टेडियम में हो रहा है, जहां इंग्लैंड ने पिछले 10 वनडे में से 8 जीते हैं। इस बार खिताब की दावेदार पिछली विजेता भारत आैर ऑस्ट्रेलिया है। दोनों ही देश दो-दो बार चैम्पियंस ट्रॉफी जीत चुके हैं। वैसे क्रिकेट स्पेशलिस्ट इंग्लैंड को भी तीसरे दावेदार के रूप में देख रहे हैं क्योंकि उसने हाल ही में साउथअफ्रीका को वनडे सीरीज में 2-1 से हराया है।

इस बार चैम्पियंस ट्रॉफी में हाईलेवल तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। आईसीसी के इस दूसरे सबसे बड़े टूर्नामेंट में बैट्समैन पहली बार माइक्रोचिप लगे बैट का इस्तेमाल करेंगे। वहीं पिच की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरा यूज होगा। बैट में लगी माइक्रोचिप के जरिए मैदान पर खिलाड़ियों का रिएक्शन टाइम दिखाया जाएगा।

हर टीम के तीन प्लेयर्स के बैट में इस तरह की कंप्यूटराइज्ड चिप लगाई जाएगी। इस टेक्नीक का इस्तेमान मेजबान इंग्लैंड और बांग्लादेश के बीच होने वाले पहले मैच से शुरू हो जाएगा। इंग्लैंड के जेसन रॉय, एलेक्स हेल्स और बेन स्टोक्स इसका यूज करते दिखेंगे। इंटेल द्वारा विकसित की गई इस चिप को बैट के हैंडल में लगाया जाएगा।

खबर है कि टीम इंडिया के रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे और आर. अश्विन के बैट में यह चिप लगाई जाएगी। इस चिप के जरिए बैट्समैन का डाटा रिकॉर्ड किया जाएगा। इसमें बैट्समैन की पिच मूवमेंट, उसके शॉट्स का डाटा रिकॉर्ड होगा। इस चिप का सिग्नल खास कैमरे रिकॉर्ड होगा। जिससे पता चलेगा कि बैट्समैन ने कितनी बॉल ऑफ साइड में खेलीं, कितनी लेग में खेली और कितनी बॉल्स पर तेज स्ट्रोक लगाए। अभी तक इस चिप का प्रयोग बेसबॉल में किया जाता था।

ड्रोन कैमरे के इस्तेमाल से अधिक गहराई से पिच का एनालिसिस हो सकेगा। क्रिकेट फैन्स जान सकेंगे कि बॉलर्स में कौन शानदार बॉलिंग कर रहा है। इस टूर्नामेंट में इस बार टीम शीट्स टैब के जरिए डिजिटली बदली जाएगी। इसके अलावा मैदान में मौजूद दर्शकों को फ्री वाई-फाई सुविधा भी दी जाएगी।