चुनाव आयोग के सामने आज मुलायम साइकिल पर अपने दावे के दस्तावेज पेश करेंगे

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आज चुनाव आयोग के सामने मुलायम सिंह यादव पार्टी के नाम और चिह्न साइकिल के लिए अपने दावे के दस्तावेज पेश करेंगे| इसके लिए मुलायम गुट दिल्ली में है| कुछ देर पहले शिवपाल ने मुलायम से उनके दिल्ली स्थित घर जाकर मुलाकात की है| इसके पहले अखिलेश गुट की ओर से शनिवार को करीब 90 फीसदी विधायकों, सांसदों और प्रतिनिधियों के समर्थन का एफिडेविट चुनाव आयोग को सौंप जा चुका हैं|

आयोग ने दोनों गुटों को अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज़ पेश करने के लिए आज तक का समय दिया है| वहीं रविवार को मुलायम सिंह ने बेटे अखिलेश यादव से किसी तरह की समझौते की अटकलों को खारिज करते हुए फिर हुंकार भरी| उन्होंने जोर देकर कहा कि वह अब भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और अखिलेश यादव सिर्फ यूपी के सीएम हैं| साथ ही शिवपाल यादव को अब भी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बताया|

मुलायम ने अपने चचेरे भाई रामगोपाल यादव द्वारा 1 जनवरी को बुलाए गए पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन को अवैध करार देते हुए कहा कि रामगोपाल तो 30 दिसंबर को ही पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था| इसलिए रामगोपाल को पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाने का अधिकार नहीं था|

इस बीच समाजवादी पार्टी की नेता जूही सिंह ने अमर सिंह पर निशाना साधा है|उन्होंने कहा है कि अमर सिंह ने बिना दस्तावेज़ देखे हलफ़नामे में किए गए दस्तख़तों को ग़लत बताया है, जो ठीक नहीं है| दरअसल, अमर सिंह ने कल अखिलेश गुट की ओर से चुनाव आयोग में जमा किए गए हलफ़नामों में किए गए दस्तख़तों को ग़लत और फ़र्ज़ी बताया था|

इस बीच रामगोपाल यादव ने सपा के दोनों खेमों के बीच किसी सुलह की संभावना से इनकार किया है और कहा कि चार-छह लोगों ने नेताजी को गुमराह किया कि उन्हें 200 विधायकों का समर्थन हासिल है| उनके रुख का अब पर्दाफाश हो गया है|

इससे पहले लखनऊ में मुलायम ने सुलह के सवाल पर कहा कि जब विवाद ही नहीं तो समझौता कैसा| सुबह मुलायम सिंह यादव लखनऊ में सपा के दफ़्तर पहुंचे, जहां वो राष्ट्रीय अध्यक्ष के कमरे में बैठे थे|

सूत्रों के मुताबिक, आयोग को 17 जनवरी से पहले तय करना होगा कि सपा में किसके पास बहुमत है| 17 जनवरी को विधानसभा चुनाव के पहले चरण की अधिसूचना लागू होनी है| पहले चरण के लिए चुनाव दो फरवरी को होंगे| अधिसूचना के साथ ही, नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी| मुलायम और अखिलेश के गुट एक समय पर एक ही चुनाव चिह्न यानी साइकिल के साथ चुनाव नहीं लड़ सकते हैं इसलिए चुनाव आयोग को उस तारीख से पहले ही इस मुद्दे पर फैसला लेना होगा| एक सूत्र ने कहा, “इन दिनों में घटनाक्रम तेजी से बदलेगा|