EC का चैलेंज, 3 जून के बाद ईवीएम हैक करके दिखाएं

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दिल्ली के विज्ञान भवन में ईवीएम-वीवीपीएटी पर दो घंटे तक ईवीएम से संबधित जानकारी दी गई। चुनाव आयोग ने ये भी कहा कि ईवीएम हैकिंग से सुरक्षित हैं। चुनाव आयोग ने ईवीएम हैक करने की चुनौती भी दी है।

चुनाव आयोग ईवीएम हैक करने की चुनौती देता है। 3 जून के बाद कोई भी पार्टी आकर ईवीएम से छेड़छाड़ के अपने दावे को साबित करे: नसीम जैदी, मुख्य चुनाव आयुक्त

ईवीएम हैकिंग का चैलेंज कोई भी राष्ट्रीय-राज्य स्तर की पार्टी दे सकती है। इसके लिए उसे 3 सदस्यों का नॉमिनेशन करना होगा। इसके लिए 26 मई 2017 के 5 बजे शाम तक का समय है।


ईवीएम हैक करने का चैलेंज इसलिए रखा जा रहा है, ताकि मतदाताओं का भरोसा ईवीएम सिस्टम पर बना रहे:नसीम जैदी, मुख्य चुनाव आयुक्त

ईवीएम की सुरक्षा 4 स्तरों पर होती है, डिफेक्टिव मशीनों को तुरंत हटाते हैं:नसीम जैदी, मुख्य चुनाव आयुक्त

ईवीएम को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने सवाल उठाए थे। हमनें 12 मई 2017 को सर्वदलीय बैठक के दौरान ईवीएम से जुड़ी शंकाओं का समाधान कर दिया था। हम सभी पार्टियों की शंकाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आने वाले सभी चुनाव वीवीपैट मशीनों के जरिए होंगे। हम सभी मतदान केंद्रों तक वीवीपैट मशीनें पहुंचाएंगे: नसीम जैदी, मुख्य चुनाव आयुक्त

वीपीपैट से निकली पर्ची द्वारा मतदाताओं को पर्ची मिलेगी, जिसमें साफ रहेगा कि उनका वोट किसको गया है: नसीम जैदी, मुख्य चुनाव आयुक्त

आयरलैंड में जो ईवीएम मशीनें इस्तेमाल की गई, उसकी सुरक्षा, डाटा ट्रांसफर के तरीके में गड़बड़ी थी:नसीम जैदी, मुख्य चुनाव आयुक्त

ईवीएम में छेड़छाड़ की बात भले ही कई पार्टियां कर रही हों, पर किसी भी पार्टी ने ईवीएम से छेड़छाड़ के सबूत नहीं दिए: नसीम जैदी, मुख्य चुनाव आयुक्त

चुनाव आयोग ने दो घंटे के डेमो के बाद प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया। ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठने के बाद आयोग ने अगले लोकसभा चुनाव में नए ईवीएम के इस्तेमाल के साथ ही हर बूथ पर वीवीपैट को अनिवार्य रूप से लागू करने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद आम आदमी पार्टी, बसपा सहित कई दलों ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुला कर डेमो के जरिए ईवीएम को हैक करने का दावा किया था। हालांकि इससे पहले चुनाव आयोग ने कई बार दावा किया है कि ईवीएम के कंप्यूटर या इंटरनेट से नहीं जुड़े होने के कारण इसे हैक करना संभव नहीं है।