सीतापुर में आदमखोर कुत्तों पर ड्रोन से नजर, अब तक 12 बच्चों की मौत, 6 घायल

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सीतापुर के खैराबाद में कुत्तों को ट्रैक करने के लिए पुलिस द्वारा ड्रोन और नाइट विजन दूरबीन का इस्तेमाल कर रही है, शहर और आसन्न इलाकों में कुत्ते की खतरा जारी है। कुत्तों द्वारा हमला किए जाने के बाद आज तक 12 बच्चे मारे गए, 6 घायल हो गए।

सीतापुर में कुत्ते लगातार बच्चों पर हमला कर रहे हैं. इस घटना को देखते हुए यूपी पुलिस ने इन कुत्तों की निगरानी के लिए ड्रोन से निगरानी करने का फैसला किया है. इसके अलावा नाइट विजन दूरबीनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. अब तक कुत्तों के हमले में 12 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 बच्चे गंभीर रुप से घायल हो गए हैं. खास बात ये है कि ये कुत्ते केवल बच्चों को ही अपनी निशाना बना रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रविवार को तालगांव थाना क्षेत्र में बकरियां चरा रहे 10 साल के बच्चे कासिम पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया और उसे नोंच डाला, जिससे उसकी मौत हो गई थी. इससे पहले भी आदमखोर कुत्तों के हमलों में 5 बच्चों की मौत हो चुकी है. इससे पहले एक मई को टिकरिया में 11 साल की शामली बाग़ में आम बीनने गई थी और उस पर कुत्तों ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई.

नवंबर (2017) से लेकर अब तक सीतापुर में कुत्तों के हमले में 12 बच्चों की मौत हो चुकी है. अब जिले के लोगों में डर का ये आलम है कि लोग बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर रहे हैं. न तो उनके माता-पिता उन्हें स्कूल भेज रहे हैं, न ही बच्चे स्कूल जाने को राजी हैं.

इस पुरे मामले में सीतापुर की जिलाधिकारी शीतल वर्मा का कहना है कि पहले जिले के खैराबाद इलाके के कई अवैध बूचड़खाने थे, लेकिन अब वो बूचड़खाने बंद हो गए हैं. कुत्तों के आतंक का कारण अवैध बूचड़खानों का बंद होना ही है. शायद यहीं वजह है कि कुत्तों ने बच्चों पर हमला करना शुरू कर दिया है. डीएम ने कहा कि इन बूचड़खानों से मीट बाहर फेंक दिया जाता था. जिसे इस इलाके के आवारा कुत्तों का झुंड खा जाता था.