डॉ विक्रम साराभाई की आज पुण्‍यतिथि

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महान वैज्ञानिक डॉ विक्रम साराभाई की आज पुण्‍यतिथि है| उनका कहना था कि हम राष्‍ट्र के निर्माण में यदि अर्थपूर्ण योगदान देते हैं तो एडवांस टेक्‍नोलॉजी विकसित कर मनुष्‍य और समाज की परेशानियों का समाधान खोज सकते हैं|

विक्रम साराभाई का पूरा नाम विक्रम अंबालाल साराभाई था और 12 अगस्‍त 1919 को उनका जन्‍म अहमदाबाद में हुआ था| वह प्रसिद्ध साराभाई परिवार से ताल्‍लुक रखते थे| इस परिवार का भारतीय आजादी आंदोलन में योगदान रहा|

विक्रम साराभाई ने कैंब्रिज से पढ़ाई करने के बाद सबसे पहले 1947 में अहमदाबाद में ही फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (पीआरएल) की स्‍थापना की थी| इसके लिए उन्‍होंने अपने परिवार और दोस्‍तों को एक रिसर्च संस्‍थान स्‍थापित करने के लिए मनाया| नतीजतन पीआरएल अस्तित्‍व में आया| उस वक्‍त उनकी आयु महज 28 साल थी|उसके बाद उन्‍होंने एक के एक बाद एक कई संस्‍थानों की स्‍थापना में योगदान दिया|

वह परमाणु ऊर्जा आयोग के चेयरमैन भी रहे| उन्‍होंने अहमदाबाद के अन्‍य उद्योगपतियों की मदद से इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद की स्‍थापना की|

उसके बाद भारतीय अंतरिक्ष रिसर्च संगठन (इसरो) की स्‍थापना में अहम भूमिका निभाई| 1966 में नासा से उनकी बातचीत का ही नतीजा था कि 1975-76 के दौरान सेटेलाइट इंस्‍ट्रक्‍शनल टेलीविजन एक्‍पेरीमेंट (साइट) लांच किया गया|उनके प्रयासों का ही नतीजा था कि 1975 में देश के पहले सेटेलाइट आर्यभट्ट को लांच किया गया|

उनको 1962 में शांति स्‍वरूप भटनागर पुरस्‍कार दिया गया| 1966 में उनको पदम भूषण से सम्‍मानित किया गया और 1972 में पदम विभूषण (मरणोपरांत) से नवाजा गया| 1971 में 52 साल की उम्र में उनका निधन हो गया|