अर्धसैनिक बलों के डॉक्टर अब 65 साल में रिटायर होंगे

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बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत अर्धसैनिक बलों के साथ काम करने वाले चिकित्सा अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने को मंजूरी के साथ आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के तीन नए एम्स के लिए तीन निदेशकों के पदों के गठन को मंजूरी दी गई.

गृह मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि अर्धसैनिक बलों में सामान्य कार्य और विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारियों की आयु सीमा 60 से बढ़ाकर 65 कर दी गई है. इससे विशेषज्ञ व जनरल ड्यूटी वाले चिकित्सा कैडर के अधिकारियों को साथ में बनाए रखने व मरीजों की बेहतर देखभाल, मेडिकल कॉलेज में समुचित अकादमिक गतिविधियों व स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने के राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी.

अर्धसैनिक बलों में असम राइफल्स (एआर), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय औद्योगिकी सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) व सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) शामिल हैं.

इस के अलावा कैबिनेट ने तीन नए एम्स में निदेशकों की नियुक्ति को लेकर भी हरी झंडी दिखा दी. मंत्रिमंडल ने पूर्व संशोधित स्केल पर आंध्र प्रदेश में गुंटूर के पास मंगलागिरी, पश्चिम बंगाल के कल्याणी व महाराष्ट्र के नागपुर के तीन नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में तीन निदेशकों के पदों के गठन को मंजूरी दी. छठें केंद्रीय वेतन आयोग के मुताबिक निदेशक के प्रत्येक पद के लिए वार्षिक वित्तीय अनुमान करीब 25 लाख रुपये होगा.