ऑस्कर में देव पटेल से उम्मीद, केवल पांच भारतीयों को मिला अब तक ऑस्कर

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भारतीय समय के अनुसार लॉस एंजिलिस में सोमवार सुबह 5 बजे होने वाले ऑस्कर अवॉर्ड में भारतीयों की नजरें देव पटेल पर टिकी हुई हैं| देव भारतीय मूल के ब्रिटिश अभिनेता हैं, उन्हें फिल्म ‘लॉयन’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर कैटेगिरी में नॉमिनेट किया गया है|’लॉयन’ भारत में इस शुक्रवार को रिलीज हुई है और इसे काफी पसंद भी किया जा रहा है| फिल्म में देव का परफॉर्मेंस देखने के बाद भारतीयों की ऑस्कर से उम्मीद काफी बढ़ चुकी है|

बताते चलें कि अकादमी अवॉर्ड्स के 89 सालों के इतिहास में अब तक छह पुरस्कार भारत ने अपने नाम किए हैं, जिनमें से एक हॉनररी अवॉर्ड है| मेहबूब खान की फिल्म ‘मदर इंडिया’ ऑस्कर के लिए नॉमिनेट होने वाली पहली भारतीय फिल्म थी| इसे 1958 में बेस्ट फॉरेन फिल्म की श्रेणी में नामित किया गया था, हालांकि भारत को पहला ऑस्कर इसके 25 साल बाद 1983 में मिला| यह अवॉर्ड रिचर्ड एटेनबरो की फिल्म ‘गांधी’ के बेस्ट कॉस्ट्यूम के लिए भानु अथैया को दिया गया था| महात्मा गांधी के जीवन पर बनी यह फिल्म 1982 में रिलीज हुई थी और 1983 के ऑस्कर में इस फिल्म को 11 श्रेणियों में नॉमिनेट किया गया था जिसमें सर्वश्रेष्ठ फिल्म, निर्देशक, अभिनेता, स्क्रीनप्ले समेत 8 श्रेणियों में फिल्म ने पुरस्कार जीता था|

इसके बाद साल 1992 में सत्यजीत रे को फिल्म निर्माण में उनकी दुर्लभ महारथ और दुनिया भर में छाप छोड़ने वाले उनके गहन मानवीय दृष्टिकोण के लिए हॉनररी ऑस्कर से सम्मानित किया गया था| उस दौरान सत्यजीत रे बीमार थे और कोलकाता के अस्पताल में भर्ती थे| उन्हें सम्मानित करने के लिए ऑस्कर के प्रतिनिधि कोलकाता तक आए थे| इस सम्मान के करीब एक महीने बाद ही रे का निधन हो गया था|

इसके 17 सालों के बाद साल 2009 में फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के लिए तीन श्रेणियों में चार पुरस्कार भारतीयों ने अपने नाम किए थे| रसूल पुकुट्टी को बेस्ट साउंड मिक्सिंग, एआर रहमान को ‘जय हो’ के लिए बेस्ट ओरिजनल स्कोर और ‘जय हो’ के लिए ही गुलजार और एआर रहमान को बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग के लिए अवॉर्ड दिया गया था|

अब तक जिन भी भारतीयों को ऑस्कर मिला है वे अपनी अपनी कैटेगिरी में अवॉर्ड पाने वाले पहले और इकलौते अवॉर्डी बने हुए हैं| यदि देव यह पुरस्कार जीतते हैं तो अवॉर्ड पाने वाले छठे भारतीय और बेस्ट सपोर्टिंग अभिनेता का अवॉर्ड पाने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे|