माल्या कानून की कतई इज्जत नहीं करते, उनका देश लौटने का कोई इरादा नहीं: कोर्ट

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पटियाला हाउस कोर्ट ने फेरा वॉयलेशन और चेक बाउंस मामले में विजय माल्या के खिलाफ दो गैर-जमानती वारंट जारी किए हैं। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि माल्या कानून की कतई इज्जत नहीं करते। उनका भारत लौटने का कोई इरादा नहीं है। इससे पहले अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने माल्या से कहा था कि वे चार हफ्ते के अंदर अपने विदेशी एसेट्स की जानकारी सौंपे। बता दें कि बैंकों के 9000 करोड़ रुपए के कर्जदार माल्या मार्च से भारत से बाहर हैं और लंदन में रह रहे हैं। कोर्ट ने और क्या कहा…
– पटियाला हाउस कोर्ट ने कहा कि माल्या का दावा है कि वे भारत लौटना चाहते हैं, लेकिन उनका पासपोर्ट रद्द हो चुका है। उनका यह दावा झूठा है। वे कानूनी प्रक्रिया का अपमान कर रहे हैं।
– माल्या के खिलाफ कोर्ट 2012 के चेक बाउंस मामले में सुनवाई कर रहा था।
– दरअसल, दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट को ऑपरेट करने वाली कंपनी DIAL ने यह केस दायर किया है।
– माल्या जब किंगफिशर के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर थे, तब उनकी एयरलाइन्स ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट अथॉरिटी लिमिटेड (DIAL) को कुल 7.5 करोड़ रुपए के चार चेक जारी किए थे। लेकिन एयरलाइन्स के बैंक अकाउंट में बैलेंस नहीं होने की वजह से ये बाउंस हो गए।
– इसी मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने माल्या को 4 नवंबर को हाजिर होने को कहा था।
ब्रिटेन के सामने प्रत्यर्पण का मुद्दा उठा सकता है भारत
– इसी रविवार को ब्रिटेन की पीएम थेरेसा मे भारत दौरे पर आने वाली हैं।
– माना जा रहा है कि उनसे बातचीत के दौरान भारत की तरफ से माल्या के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया जा सकता है।
कितने कर्जदार हैं माल्या?
– माल्या पर बैंकों का 9400 करोड़ रुपए बकाया है। उनके खिलाफ 17 बैंकों के कन्सोर्टियम ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दाखिल की थी।
– माल्या की तरफ से कहा गया है कि तेल के रेट बढ़ने, ज्यादा टैक्स और खराब इंजन के चलते उनकी किंगफिशर एयरलाइन्स को 6,107 करोड़ का घाटा उठाना पड़ा था।
– लाेन रिकवरी का केस डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल में चल रहा है।
– माल्या ने बैंकों से सेटलमेंट करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सामने पिछले दिनों 6,868 करोड़ का ऑफर दिया था। इससे पहले माल्या ने 4,400 करोड़ का ऑफर दिया था।