कासगंज में दबंगो ने दलित दूल्हे को घोड़े पर नहीं बैठने दिया, ली पुलिस की मदद

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कासगंज के एक गांव के लोग दलित दूल्हे को बारात लेकर जाने का रास्ता नहीं दे रहे हैं. लोगो का कहना है कि इससे गांव की परंपरा टूट जाएगी. इस गांव के दबंगों का कहना है कि दलित की बारात उनके घरों के पास से होकर गुज़रे यह उनको मंजूर नहीं है.

जानकारी के मुताबिक बारात हाथरस से आनी है. दूल्हे का नाम संजय जाटव है. यही नहीं वो यह भी तय कर रहे हैं कि बारात लंबी चौड़ी न निकले और लड़की के घर से 80 मीटर की दूरी पर शादी हो. उस गांव में 90 फीसदी सवर्ण है और 10 फीसदी दलित. गांव के दंबंगो का कहना है कि यहां पर कभी किसी दलित जाति के दूल्हा घोड़े पर नहीं बैठा है.

वहीं प्रशासन भी इस मामले में टकराव टालने की कोशिश में दंबगों के सामने झुकता नजर आ रहा है. दूल्हा घोड़े पर ही चढ़कर जाएगा लेकिन बारात का रास्ता तय कर दिया गया है. डीएम आरपी सिंह ने यह जानकारी दी है. साथ ही यह भी तय किया गया है कि दुल्हन के घर से 500 मीटर की दूरी पर वह दूल्हा घोड़े पर बैठ सकेगा. बाकी कार्यक्रम एक खेत में होंगे.