क्यूबा के फिदेल कास्त्रो का 90 साल की उम्र में निधन

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क्यूबा के पूर्व-राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो का 90 साल की उम्र में निधन हो गया। मौजूदा प्रेसिडेंट और फिदेल के भाई राउल कास्त्रो ने स्टेट टेलीविजन पर उनकी मौत की सूचना दी। पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने बताया था कि फिदेल, इंदिरा गांधी को अपनी बड़ी बहन मानते थे। इसी साल मार्च में बराक ओबामा ऐतिहासिक दौरे पर क्यूबा आए थे। 88 साल बाद ओबामा क्यूबा जाने वाले पहले प्रेसिडेंट थे। उस दौरान उन्होंने फिदेल से मुलाकात नहीं की थी। इसकी वजह उनकी बीमारी को बताया गया था|
1960 के दशक में दोनों के बीच रिलेशन टूट गए। 1959 में कम्युनिस्ट रेवोल्यूशन के बाद अमेरिका ने क्यूबा पर बैन लगा दिया।इस बैन से अमेरिका को सालाना 1.2 बिलियन डॉलर नुकसान हुआ।2014 में ओबामा ने दोनों देशों के बीच इकोनॉमिक और डिप्लोमेटिक रिलेशन सुधारने की बात कही। करीब एक साल तक कनाडा और वेटिकन में दोनों देशों के बीच खुफिया बातचीत हुई। खुद पोप फ्रांसिस इसमें इन्वॉल्व थे।बातचीत का मकसद क्यूबा से आतंक को बढ़ावा देने वाले देश का ठप्पा हटाना, क्यूबा में यूएस सिटिजन आने पर लगी रोक को हटाना और इकोनॉमिक बैन हटाना था अगस्त 2015 में अमेरिका ने क्यूबा में अपनी एम्बेसी फिर से शुरू की।  सितंबर 2015 में क्यूबा ने अमेरिका में एम्बेसी फिर शुरू की|
1926 में   क्यूबा के साउथ-ईस्टर्न प्रॉविंस में जन्म हुआ। 1953  में क्यूबा के अमेरिकी सपोर्टेड प्रेसिडेंट फुल्गेंकियो बतिस्ता के खिलाफ आवाज उठाई। बाद में इन्हें अरेस्ट कर लिया गया।  1955 में एमनेस्टी डील के तहत जेल से रिहा। 1956 में अर्जेंटीना के नेता चे ग्वेरा के साथ सरकार बतिस्ता सरकार के खिलाफ गुरिल्ला जंग छेड़ी। 1959 में बतिस्ता को हराया और क्यूबा के पीएम बने। 1976 में क्यूबा की नेशनल असेंबली ने प्रेसिडेंट चुना। 2008 में बीमारी की वजह से प्रेसिडेंट पद छोड़ा और अपने भाई राउल कास्त्रो को सत्ता सौंप दी|