AMU में जिन्ना की तस्वीर पर विवाद: पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर विवाद गहराया जा रहा है. हिन्दू युवा वाहिनी के प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किये जाने की मांग कर रहे अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्रों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसूगैस के गोले छोड़ने पडे़ और लाठीचार्ज करनी पड़ी.

जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने बताया कि एएमयू छात्रों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बलप्रयोग करना पड़ा. ये छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने वाले हिंदू युवा वाहिनी के प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे.

जिलाधिकारी ने कहा कि पुलिस कार्रवाई में 3 युवक घायल हो गये. एएमयू परिसर के एक गेट के निकट हालात तनावपूर्ण हो गये थे, इसलिए पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसूगैस के गोले छोड़ने पड़े. इससे पहले हिन्दू युवा वाहिनी और अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) छात्र संघ के समर्थकों के बीच संघर्ष उस समय टल गया जब वाहिनी के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के सुरक्षा घेरे को तोड़कर नारेबाजी करते हुए परिसर में घुस गये.

प्रत्य​क्षदर्शियों ने बताया कि दो गुटों में कहासुनी और धक्का-मुक्की हो गई, लेकिन एएमयू सुरक्षा अधिकारियों ने दोनों गुटों के लोगों को किसी तरह अलग किया. इसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस बल ने स्थिति नियंत्रण में कर ली. एएमयू सुरक्षाकर्मियों का आरोप है कि वाहिनी के कुछ कार्यकर्ताओं के पास पिस्तौल और डंडे थे, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी. वाहिनी के कार्यकर्ता फिर परिसर की ओर बढ़े और वहां काफी कम संख्या में तैनात पुलिसकर्मी उन्हें परिसर में जाने से रोक नहीं पाये.

एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष एम अहमद उस्मानी ने आरोप लगाया कि सुरक्षा की इस तरह की अनदेखी की अनुमति पहले पुलिस प्रशासन की ओर से कभी नहीं की गई. उन्होंने कहा कि एएमयू छात्रों ने संयम दिखाया, लेकिन परिसर में जबरन घुसने वाले लोगों को अगर गिरफ्तार नहीं किया गया तो एएमयू के छात्र जेल भरो आंदोलन करेंगे. वहीं, पुलिस अधीक्षक अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि स्थिति काबू में है और ये जांच की जा रही है कि वाहिनी के कार्यकर्ता कैसे परिसर के गेट पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि परिसर के भीतर और बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. स्थिति पूर्णतया सामान्य होने तक गश्त जारी रहेगी. परिसर में रैपिड एक्शन फोर्स तैनात कर दी गयी है. वाहिनी का ये गुट परिसर की ओर बढ़ा. वहां काफी कम संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे जो उन्हें परिसर में जाने से रोक नहीं पाये.