बिना इजाजत सहारनपुर के लिए निकले राहुल गांधी, टकराव के हालात, सहारनपुर की सीमाएं सील

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कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी भले ही सड़क मार्ग से नई दिल्ली से सहारनपुर पहुंचने की जुगत में है, लेकिन जिला प्रशासन भी उनको सहारनपुर में किसी भी कीमत पर आने नहीं देने को लेकर मुस्तैद है। हेलीकॉप्टर उतारने व शब्बीरपुर हिंसा स्थल पर जाने की इजाजत न मिलने के बावजूद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली से वाया यमुना नगर सहारनपुर आ रहे है।

बिना इजाजत राहुल गांधी के दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन से टकराव के हालात बनने की आशंका है। उन्हें जनपद में प्रवेश से रोकने के लिए हिंसा की जांच को आए गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा, एडीजी कानून व्यवस्था आदित्य मिश्रा, आईजी एसटीएफ अभिताभ यश, डीआईजी सुरक्षा विजय भूषण सरसावा में उप्र-हरियाणा सीमा पर खड़े है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि वालिया के अनुसार पार्टी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश प्रभारी महासचिव गुलाम बनी आजाद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर आदि नेता आज सहारनपुर आना चाहते थे। बकायदा उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी पर जानबूझ कर अनुमति नहीं दी गई।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी कहा कि राहुल गांधी शब्बीरपुर नहीं जाएंगे, कम से कम जिला अस्पताल में भर्ती हिंसा में घायल मरीजों व कार्यकर्ताओं से बातचीत करने की अनुमति दी जाए। पुलिस प्रशासन ने इसकी भी अनुमति नही दी।

हेलीकॉप्टर उतारने की अनुमति मांगी तो वह भी खारिज कर दी। ऐसे में राहुल गांधी दिल्ली से कार से तयशुदा कार्यक्रम अनुसार हरियाणा की ओर से दोपहर 12.30 बजे सहारनपुर आएंगे। वह पीडि़त परिवारों से मुलाकात करने जाएंगे।

दूसरी ओर डीएम प्रमोद कुमार पांडेय व एसएसपी बबलू कुमार ने स्पष्ट किया है कि हिंसा प्रभावित इलाके में किसी को जाने की इजाजत नहीं दी गई है। अनुमति के बिना वहां जाने पर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि प्रभावित इलाकों में नेताओं के जाने से हालात फिर बिगड़ सकते हैं। राहुल गांधी को रोकने के लिए उप्र-हरियाणा सीमा पर नाकेबंदी की गई हैं।

स्वयं हिंसा की जांच को आए दल का नेतृत्व कर रहे गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा, एडीजी कानून व्यवस्था आदित्य मिश्रा, आईजी एसटीएफ अभिताभ यश, डीआईजी सुरक्षा विजय भूषण सरसावा में उप्र-हरियाणा सीमा पर डटे हैं। भट्टा पारसौल की तरह राहुल गांधी चकमा देकर किसी ओर रास्ते से न आ जाएं, इसके लिए जनपद या शब्बीरपुर की ओर जाने वाले 66 छोटे-बड़े मार्गो पर पुलिस के साथ आरएएफ व पीएसी लगाई गई है जो इन रास्तों पर नाकेबंदी कर वाहनों की तलाशी ले रही है।

शनिवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहारनपुर के लिए रवाना हो गए हैं। हालांकि, प्रशासन ने राहुल गांधी के कार्यक्रम को खारिज करते हुए उन्हें यहां कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद राहुल गांधी सहारनपुर में के लिए निकल लिए हैं।

शब्बीरपुर में हेलीकॉप्टर के लैंडिंग की मनाही के चलते राहुल सड़क के रास्ते वहां पहुंच रहे हैं। बता दें कि कांग्रेसियों ने बाकायदा उनका कार्यक्रम घोषित कर दिया है। उधर, जिला प्रशासन राहुल गांधी को सहारनपुर की सीमा से बाहर रोकने के लिए मजबूत योजना बनाने में जुट गया है।

दरअसल, महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य पर निकाली जा रही शोभायात्रा को लेकर पांच मई को शब्बीरपुर जातीय संघर्ष हो गया था। इसके बाद शुरू हुई सियासत में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, रालोद के महासचिव जयंत चौधरी सहित कई लोग पहुंचे। 23 मई को बसपा सुप्रीमो मायावती गांव पहुंची थी। उनकी सभा से लौटते लोगों पर हमलावरों ने जानलेवा हमला किया था और इसमें एक युवक की मौत हो गई।

इसके बाद शासन ने शब्बीरपुर में किसी भी बाहरी व्यक्ति के जाने पर रोक लगा दी है। शुक्रवार को कांग्रेसियों ने अचानक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम की अनुमति मांगी तो प्रशासनिक महकमे में भी हड़कंप मच गया। हालांकि प्रशासन ने सहारनपुर दौरे की अनुमति को खारिज कर दिया है। बावजूद इसके कांग्रेसियों का दावा है कि हर हाल में राहुल गांधी सहारनपुर आएंगे।