यूपी में कांग्रेस और जन अधिकार पार्टी का गठबंधन, बाबू सिंह कुशवाहा की पार्टी को मिलीं इतनी सीटें

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उत्तर प्रदेश में कई रैलियों के जरिए अपनी ताकत दिखा चुके जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष बाबू सिंह कुशवाहा ने लोकसभा चुनावों के मद्देनजर बड़ा फैसला किया है। बाबू सिंह कुशवाहा की जन अधिकार पार्टी और कांग्रेस के बीच राज्य में गठबंधन हो गया है। इस गठबंधन के तहत जन अधिकार पार्टी को सात सीटें मिली है, राज्य की बाकी सीटों पर जन अधिकार पार्टी कांग्रेस और गठबंधन के उम्मीदवारों का समर्थन करेगी।


कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और जन अधिकार पार्टी के नेताओं की मौजूदगी में इस गठबंधन का ऐलान किया गया। इस गठबंधन के तहत पांच लोकसभा सीटों पर जन अधिकार पार्टी अपने चुनाव चिह्न पर लड़ेगी और दो सीटों पर जन अधिकार पार्टी के उम्मीदवार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।


सूत्रों के हवाले से खबरें आ रही हैं कि गठबंधन के तहत जिन सीटों पर जन अधिकार पार्टी के उम्मीदवार अपने चुनाव चिह्न पर लड़ेंगे उनमें पूर्वांचल में बस्ती, बलिया और चंदौली सीटें हैं। झांसी और एटा सीट पर भी जन अधिकार पार्टी का उम्मीदवार होगा। इसके अलावा गाजीपुर और फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट से जन अधिकार पार्टी के उम्मीदवार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं।


लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस और जन अधिकार पार्टी का यह गठबंधन एक बड़ी घटना है। बाबू सिंह कुशवाहा की जन अधिकार पार्टी का कोईरी-कुशवाहा समाज में अच्छी पैठ है। पिछले चुनाव में बाबू सिंह कुशवाहा की पत्नी शिवकन्या कुशवाहा गाजीपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं और उन्होंने भाजपा के मनोज सिन्हा को जबरदस्त टक्कर दी थी। कड़े मुकाबले में सिन्हा सिर्फ 32,452 वोटों से ही जीत पाए थे।


उत्तर प्रदेश में गैर ओबीसी जातियों में कोईरी-कुशवाहा समाज की संख्या सर्वाधिक है और बाबू सिंह कुशवाहा हाल के दिनों में इस वर्ग के नेता के तौर पर उभरे हैं। ऐसे में जन अधिकार पार्टी से गठबंधन का कांग्रेस को लगभग सभी सीटों पर फायदा मिलेगा। इससे पहले कांग्रेस ने अपना दल कृष्णा पटेल गुट और केशव देव मौर्य की पार्टी महान दल के साथ भी गठबंधन किया हुआ है।