पीवी सिंधु ने ‘परेड ऑफ नेशंस’ में लहराया तिरंगा

23
SHARE

5 अप्रैल को भारत 21वें कॉमनवेल्थ गेमों में अपने अभियान का आगाज करेगा। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 227 सदस्यीय दल भेजा है और ओपनिंग सेरेमनी में स्टार महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु भारत की ध्वजवाहक है। इस समारोह का आयोजन क्वींसलैंड स्थित गोल्ड कोस्ट शहर के करारा स्टेडियम में हो रहा है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 के उद्घाटन समारोह का आगाज कोल्ड कोस्ट शहर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मूसलाधार बारिश के बीच इस गेम्स का रंगारंग कार्यक्रम चलता रहा। पूरा स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा था। कार्यक्रम की शुरुआत में जैसे ही काउंटडाउन खत्म हुआ तो जश्न की शुरुआत आतिशबाजी के साथ हुई। उद्घाटन समारोह में ऑस्ट्रेलियाई संस्कृति की झलक दिखी। स्थानीय कलाकारों की बेहतरीन प्रस्तुति ने दुनिया भर के खेलप्रेमियों का दिल जीत लिया।

उद्घाटन समारोह का थीम ‘हैलो अर्थ’ रखा गया। इस दौरान हमें पृथ्वी के इतिहास की जानकारी बीच स्टेडियम में फोटो के जरिए मिली। इस फोटो के जरिए हमें मनुष्य के कई रूप देखने को मिले, जिससे जिंदगी का विकास होते हुए व्यक्ति का रूप बदला। इसे सिगुर रोस की धुन के साथ पेश किया गया। लैंड मास को विभाजित किया गया, उन महाद्वीपों को आकार दिया गया है, जिसमें हमें मिगालू, एक सफेद व्हेल देखने को मिली, जिसे बाद में हम देखने की उम्मीद कर सकते हैं।

इसके बाद विलियम बार्टन ने अपनी प्रस्तुति दी। बता दें कि विलियम ऑस्ट्रेलिया के सबसे बेहतरीन पारंपरिक दिड्गेरिदू प्लेयर हैं। क्रिस्टिन अनु ने समां बांध दिया। पॉप स्टार ने 18 वर्षों के बाद भी अपनी चमक बरकरार रखी। 2000 ओलंपिक्स में अनु ने प्रस्तुति दी थी।

यहां से दर्शकों को नई चीज देखने को मिली। अब टोटेम सेरेमनी आयोजित हुई। इसमें पीढ़ियों के बीच परंपरा को बदलते हुए दिखाया गया। टोटेम सेरेमनी में पीढ़ियों के बीच जुड़ाव दिखाया गया है। इसमें एक विशेष डांस दिखाया गया, जिससे लोगों को जानने को मिलता है कि वह कहां से और क्यों आएं। प्रतियोगियों ने अपने समाज के उम्रदराज लोगों से मार्गदर्शन और मदद लेकर इसकी कहानी और शोध किया।

दरअसल, ऐसी परंपरा है कि उद्घाटन समारोह में जो हेड ऑफ स्टेट होता है वह इस समारोह का उद्धघाटन करता है। इस समारोह में एक से एक झलकियां देखने को मिल रही है। अलग-अलग परफॉर्मर अपने परफ्रॉमेंस को प्रर्दशित कर रहे हैं। सितारों के बीच सीतारे जगमगा रहे हैं। इस समारोह का आगाज पारंपरिक तौर के आधार पर हुआ। इसका इतिहास काफी पुराना है। कलाकारों ने इसकी प्रस्तुतियां कुछ खास अंदाजों में दे रहे हैं।

इस उद्घाटन समारोह के दौरान स्टेज पर प्रिंस ऑफ वेल्स और डचेस ऑफ कॉर्नवाल और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल मैजूद थे। उनके साथ कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन की अध्यक्ष लुईस मार्टिन, चेयरमैन पीटर बेट्टी एसी भी मौजूद थीं।

इस समारोह में ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रगान शुरू। ऑस्ट्रेलियाई आर्मी ने राष्ट्रीय, आदिवासियों और टॉरेस स्ट्रेट आईसलैंड का ध्वज फहराया। इसके साथ ही सिंगर रिकी-ली कल्टर ने गोल्ड कोस्ट समुद्र तट के सीन के बीच ‘टेक्नीकलर लव’ गाना गाया। इसके बाद परेड ऑफ नेशंस की शुरूआत। सबसे आगे स्कॉटलैंड का दल ने अपना फ्लैग लहराया।

इंग्लैंड के दल ने मार्च पास्ट किया। इसके बाद स्कॉटलैंड, साइप्रस, जिब्राल्टर, गर्नजी, आइसले ऑफ मैन, जर्सी, माल्टा, नार्दर्न आइलैंड और वेल्स का दल परेड ऑफ नेशंस में हिस्सा लिया। इसके बाद 38वें नंबर पर रियो ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट पीवी सिंधु भारत का फ्लैग थामकर आगे चली।

इसके बाद इसके बाद 14 कैरीवियाई देशों ने परेड ऑफ नेशंस में हिस्सा लिया, जिसमें एंगुइला, एंटिगुआ और बारबुडा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स, केमन द्वीप, डोमिनिका, ग्रेनेडा, जमैका, और मोंटेसेराट जैसे देश शामिल हैं। इसके कुछ ही देर के बाद अन्य देशों के अलावा 71वें नंबर ऑस्ट्रेलिया के दल ने परेड ऑफ नेशंस में हिस्सा लिया।

71 देशों के 6,600 हजार से अधिक एथलीट 275 गोल्ड मेडल के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रतिस्पर्धा करते दिखेंगे। 18 खेलों में से भारत 15 (14 और 1 पार स्पोर्ट्स) में भाग ले रहा है। यह पहला इतना बड़ा मल्टी-स्पोर्ट इवेंट है, जिसमें पुरुष और महिला के मेडल इवेंट्स की संख्या बराबर है। इन खेलों का आयोजन ऑस्ट्रेलिया में 12 दिनों तक चलेगा, जिसमें पैरा एथलीट भी इस कार्यक्रम में शामिल हैं।

ओपनिंग सेरेमनी में भारत का 227 सदस्यीय दल मौजूद नहीं होगा क्योंकि कुछ एथलीटों के इवेंट आखिरी दिनों में होंगे।