गरूड़ कमांडो ज्योति प्रकाश को मरणोपरांत अशोक चक्र, राष्ट्रपति कोविंद हुए भावुक

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गणतंत्र दिवस पर वायुसेना के गरूड़ कमांडो ज्योति प्रकाश को मरणोपरांत सम्मानित किया गया, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद वायुसेना के गरूड़ कमांडो कार्पोरल ज्योति प्रकाश निराला को देश में शांतिकाल का सर्वोच्च सैन्य सम्मान अशोक चक्र, मरणोपरांत देने के बाद भावुक हो गये.

कार्पोरल निराला ने जम्मू कश्मीर के बांदीपोरा में दो आतंकवादियों को धराशाई करने के बाद अपने प्राणों को बलिदान कर दिया था. कार्पोरल निराला की पत्नी सुषमानंद एवं उनकी मां मालती देवी को गणतंत्र दिवस परेड में पुरस्कार देने के बाद राष्ट्रपति को रूमाल से अपना चेहरा एवं आंखें पोंछते नजर आये. कार्पोरल निराला भारतीय वायु सेना के गरूड़ विशेष बल इकाई के अंग थे.

इसका एक हिस्सा रक्षक आपरेशन के दौरान राष्ट्रीय राइफल्स की बटालियन से जुड़ा था. पिछले साल 18 नवंबर को बांदीपोरा के चंदरगेर गांव में घात लगाकर किये गये हमले में कार्पोरल निराला गोलियों से घायल हो गये. किंतु घायल होने के बावजूद उन्होंने जवाब में गोलीबारी की. बाद में उनकी गोलियों के घाव के कारण जान चली गई.