कैबिनेट में फेरबदल को लेकर सीएम योगी ने दिया ऐसा जवाब

माना जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए जल्दी ही कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है

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उत्तर प्रदेश में योगी कैबिनेट में फेरबदल को लेकर अटकलें काफी दिनों से चल रही हैं, आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए काफी कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि चुनावों के मद्देनजर कुछ चेहरों क संगठन में वापस भेजा जा सकता है और कुछ नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है जिससे सामाजिक समीकरण को साधा जा सके।

कैबिनेट में फेरबदल की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मसले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और कहा कि बीजेपी का हर कार्यकर्ता मंत्री बनने लायक है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जिस दिन जरूरत महसूस होगी मंत्रिमंडल का विस्तार कर लिया जाएगा, इसे लेकर अन्य लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने चुप्पी तो तोड़ी लेकिन इससे मंत्री पद की दौड़ में शामिल लोगों को निराशा ही हाथ लगी क्योंकि मुख्यमंत्री के बयान से स्थिति वहीं की वहीं रह गई। योगी मंत्रिमंडल में फिलहाल मुख्यमंत्री समेत 47 सदस्य हैं। राज्य में विधायकों की संख्या 403 के आधार पर मंत्रियों की संख्या 60 तक हो सकती है, इस तरह कैबिनेट में अभी 13 लोगों को और शामिल किया जा सकता है।

बहरहाल जो अटकलें चल रही हैं उनके मुताबिक स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री स्वतंत्र देव सिंह, डॉ. महेंद्र सिंह, सुरेश राणा और भूपेंद्र चौधरी का कद बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा कानून मंत्री ब्रजेश पाठक को कुछ और महत्वपूर्ण विभाग सौंपे जाने की भी चर्चाएं हैं, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की भी जिम्मेदारी बढ़ाई जा सकती है।

श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को कुछ और महत्वपूर्ण विभाग सौंपकर मिशन 2019 के लिए समीकरणों को मजबूत करने की कोशिश हो सकती है, क्योंकि राज्य का कुशवाहा वोटबैंक बीजेपी के लिए काफी अहम है। इस वर्ग को लुभाने के लिए समाजवादी पार्टी भी जीतोड़ कोशिशें कर रही है।

सामाजिक समीकरणों और एससी-एसटी एक्ट पर अगड़ी जातियों की नाराजगी को देखते हुए इस वर्ग को और महत्व दिए जाने का संकेत दिया जा सकता है, इसके अलावा अतिपिछड़ी जातियों से भी कुछ लोगों को मौका मिल सकता है। फिलहाल योगी कैबिनेट में जातीय समीकरण के हिसाब से अगड़ों में 8 क्षत्रिय, 7 ब्राह्मण, 4 वैश्य, 2 भूमिहार, 3 खत्री और 1 कायस्थ शामिल हैं। इसके अलावा 15 पिछड़े चेहरे शामिल हैं। इसके अलावा कुछ ऐसे चेहरों को हटाया भी जा सकता है जिनके कामकाज को लेकर नाराजगी है।