फिल्मी, अश्लील या भड़काऊ गाने आदि न बजाए, कांवड़ यात्रा के दौरान बजें सिर्फ भजन- सीएम योगी

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सावन माह में 23 जुलाई से 22 अगस्त तक चलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कल उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करके कहा कि कावड़ यात्रा के दौरान श्रावण माह की कांवड़ यात्रा में इस बार व्यवस्था बदलाव दिखना चाहिए। यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा है। इसको हर्षोल्लास से मनाया जाए और प्रबंधन को लेकर सकारात्मक नजरिया अपनाते हुए कांवडिय़ों को सुविधाएं प्रदान की जाए। इसके लिए फंड की कमी नहीं आने दी जाएगी।

उनका कहना था कि कांवड़ यात्रा के प्रति अपना दृष्टिकोण बदलना होगा। इंतजाम के कोई ढिलाई बर्दास्त नहीं की जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए निश्चित डेसिबल तक के डीजे व ध्वनि प्रसारकों की अनुमति दी जाए। बिना अनुमति के ध्वनि प्रसारकों का इस्तेमाल न हो और केवल भजन संगीत ही बजाया जाए।

यात्रा के दौरान क्या करें और क्या नहीं किया जाए, इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। नियम-कानून न मानने वालों के विरुद्ध सख्ती की जाए। योगी ने कहा कि यात्रा के दौरान सुरक्षा के जरूरी उपाय हों। प्रत्येक जिले में थाना स्तर पर बैठक कर कार्ययोजना बना ली जाए। कांवड़ समितियों को सूचीबद्ध किया जाए, कम्यूनिटी पुलिसिंग के तहत शांति समिति की बैठकें आवश्यक रूप से की जाएं।

कांवड़ यात्रा के दौरान बजने वाले डीजे को लेकर अधिकारियों को साफ निर्देश दिए है कि डीजे पर फिल्मी, अश्लील व भड़काऊ गाने न बजें। कांवड़ यात्रा को लेकर प्रदेश में सीएम स्तर पर पहली बार ऐसी बैठक की गई है। बैठक के दौरान सीएम योगी ने कहा कि ऐसी व्यवस्था की जाए कि कांवड़ यात्रियों को व्यवस्था में बदलाव दिखाई दे।

अपनी यात्रा सुविधापूर्ण ढंग से पूरी कर सकें। वहीं उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा का प्रबंधन सकारात्मक दृष्टिकोण से किया जाए। यह धार्मिक यात्रा है, जिसमें हर्षोल्लास का वातावरण रहना चाहिए।

वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए यात्रियों को निश्चित समय तक ही लाउड स्पीकर बजाने की अनुमति दी जाए। बिना अनुमति के लाउड स्पीकर या डीजे का इस्तेमाल न हो और इस पर भजन ही बजाया जाएं। वहीं ये भी यह सुनिश्चित किया जाए कि इसमें फिल्मी, अश्लील या भड़काऊ गाने आदि न बजाए जाएं। कांवडिय़ों को अधिकारियों की ओर से जानकारी दी जाए कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं। नियमों को उल्लंघन करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटे। कांवर मार्गों पर पर एम्बुलेंस एवं चिकित्सा सहायता शिविर लगें।

मुख्यमंत्री ने नगरीय क्षेत्रों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी कांवड़ यात्रा के लिए बेहतर व्यवस्थाएं करने को कहा। इसकी जिम्मेदारी ग्राम्य विकास विभाग को सौंपते हुए उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर टैंकरों आदि में पेयजल साफ एवं सुरक्षित होना चाहिए। सभी हैंडपंप चालू हालत में हो और मार्ग प्रकाश व्यवस्था भी दुरुस्त की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में यात्रामार्ग की सफाई, पेयजल आपूर्ति व शौचालय जैसी व्यवस्था ग्राम विकास विभाग करे।

यात्रा संबंधित सभी मार्गों को गड्ढामुक्त किया जाए ताकि नंगे पांव चलने में कांवडिय़ों को कोई असुविधा न हो। वरिष्ठ अधिकारी मौके का मुआयना कर व्यवस्थाएं कराएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवडिय़ों के लिए लगे शिविरों व अन्य दुकानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का ध्यान रखें। कांवडिय़ों से अधिक धन की वसूली रोकने को कदम उठाए जाएं। एम्बुलेंस और चिकित्सा सहायता शिविर लगाए व रोडवेज बसों को चलवाने की व्यवस्था कराएं। महिला कांवडिय़ों को ठहरने के लिए विशेष शिविर लगाएं, जिसमें महिला प्रसाधन की उचित व्यवस्था हो। गूलर जैसे अपवित्र माने जाने पेड़ों की छंटाई करा दी जाए।

मिश्रित जनसंख्या वाले क्षेत्रों में सीसी कैमरे की व्यवस्था हो। उल्लेखनीय है कि यात्रा तैयारी की समीक्षा के लिए पहली बार मुख्यमंत्री स्तर पर ऐसी बैठक आयोजित की गयी, जिसमें अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण, ग्राम्य विकास, प्रमुख सचिव गृह, परिवहन, नगर विकास, ऊर्जा, स्वास्थ्य, सिंचाई, खाद्य एवं औषधि प्रसाधन, पुलिस महानिदेशक समेत उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक भी मौजूद थे।