सपा-बसपा के संभावित गठबंधन पर सीएम योगी का मास्टर स्ट्रोक, पूछा नेता कौन होगा?

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उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी के बीच उपचुनावों में किए गए तालमेल ने बीजेपी की चुनावी सफलता का गणित बिगाड़ दिया था, अब ये दोनों पार्टियां आगामी लोकसभा चुनावों में बड़े गठबंधन की तैयारी में लगी हैं और आए दिन गठबंधन को लेकर इनकी निजी बैठकें भी हो रही हैं, लेकिन बीजेपी इससे बेपरवाह दिख रही है। बीजेपी का मानना है कि ये गठबंधन परवान ही नहीं चढ़ सकेगा क्योंकि ये बेमेल गठबंधन है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने संभावित गठबंधन पर सवाल उठाते हुए मास्टर स्ट्रोक खेला है जिसका जवाब शायद ही ये दोनों पार्टियां दे पाएं।
अंग्रेजी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए गए एक इंटरव्यू में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा-बसपा के बीच गठबंधन को विरोधाभासों का पुलिंदा बताया जो लंबे समय तक नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन निजी हितों पर आधारित है, जबकि राजनीति सेवा का माध्यम है। ऐसा बेसिर-पैर का गठबंधन अस्थायी है और टिक नहीं पाएगी। उन्होंने सवाल किया कि उन्हें पहले तो यह मसला ही सुलझाने की जरूरत है कि कौन किसके मातहत काम करेगा। क्या मायावती, अखिलेश यादव के नीचे काम करेंगी या फिर अखिलेश यादव खुद राहुल गांधी के मातहत काम करने को तैयार होंगे?
सीएम योगी ने कहा कि ये दल बीजेपी से डरे हुए हैं और अपनी पहचान बचाने के लिए एक-दूसरे के साथ आए हैं, लेकिन वह एक-दूसरे के नेतृत्व को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी की लोकप्रियता में लगातार इजाफा हो रहा है 2019 में पार्टी के 75 से ज्यादा लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करने का दावा किया
बीजेपी के कुछ नेताओं और सहयोगी सुहेलदेव पार्टी के ओमप्रकाश राजभर जैसे मंत्रियों के सरकार के खिलाफ लगातार बोलने पर योगी ने कहा कि कुछ लोगों की आदत होती है कुछ न कुछ बोलना। उन्होंने कहा कि किसी भी बीजेपी विधायक ने सरकार के खिलाफ राय नहीं दी है।