यूपीपीएससी के चेयरमैन को योगी सरकार ने किया तलब, कैंडिडेट्स का सीएम आवास पर प्रोटेस्ट

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सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के खिलाफ कई शिकायतें मिलने के बाद यूपी लोकसेवा आयोग के चेयरमैन अनिरुद्ध सिंह यादव का तलब कर दिया है। यूपीएसएसएससी के चैयरमेन रहे अनिल कुमार यादव को भी बुलाया गया है। योगी सरकार ने समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान हुई भर्तियों और इंटरव्यू पर रोक लगा दी है। आयोग में हुई भर्तियों की सीबीआई जांच के आदेश दिए जा सकते हैं।

इस बीच अलग-अलग विभागों के करीब 11 हजार पदों पर पिछली सरकार में शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया पर योगी सरकार के रोक लगाने के बाद कैंडिडेट्स सीएम आवास पर प्रोटेस्ट कर रहे हैं। इसमें 50 हजार से ज्यादा कैंडिडेट्स ने एग्जाम द‍िया था।
सरकार के फैसले के खिलाफ भारी तादाद में पहुंचे यूपीएसएसएससी कैंडिडेट्स ने इस रोक को तत्काल हटाने की मांग की। इस दौरान उनकी पुलिस से झड़प भी हुई। सीओ अवनीश मिश्रा ने बताया क‍ि हमने कैंडिडेट्स के एक दल को सीएम योगी से मिलवाया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
जिन पदों की भर्ती प्रक्रिया रोकी गई है, उनमें सहायक लेखाकार और लेखा परीक्षक के करीब 2500, जून‍ियर अस‍िस्टेंट के करीब 5000 और ग्राम विकास अधिकारी के 3500 पद शामिल हैं। राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग इन पदों के लिए रिटेन एग्जाम ले चुका है। इंटरव्यू की डेट भी अनाउंस कर दी गई थीं, लेकिन आयोग के सचिव के मुताबिक इंटरव्यू को पोस्टपोन कर द‍िया गया है।
अखिलेश सरकार में दारोगा पद के लिए हुई 4 हजार 10 पदों पर भर्तियां धांधली के आरोप में लटक गईं। इनका रिजल्ट 16 मार्च 2015 को जारी हुआ था। इसके बाद आरोप लगे थे कि भर्ती में एक खास जाति को तरजीह दी गई है। सिपाही की 34 हजार 716 भर्तियां भी लटक गई थीं। इसका रिजल्ट भी तैयार है, लेकिन भर्तियां नहीं हो रही हैं। कोर्ट ने सिपाही भर्ती की नई नियमावली में बदलाव किए हैं। टीचर और प्रिंसिपल की भी 9 हजार 270 पदों पर भर्तियां अधर में लटकी हैं। 5 साल में एक भी भर्ती नहीं हो पाई है, जबक‍ि इसके ल‍िए 5 बार भर्ती का ऐड जारी हो चुका है। 5 बार आयोग के अध्यक्ष हटाए गए हैं। सफाईकर्मियों की भर्ती में, जहां 40 हजार भर्तियां लटकी हुई हैं। 3 बार विवादों की वजह से भर्ती रद्द हो चुकी है।