दार्जिलिंग हिंसा : GJM ने ममता सरकार से बातचीत की मांग ठुकराई, एक की मौत

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अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर पिछले 10 दिनों से अशांत चल रहे दार्जिलिंग में जीजेएम कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच आज व्यापक झड़प देखने को मिली. इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के एक सहायक कमांडेंट समेत 35 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. सहायक कमांडेंट गंभीर रूप से घायल हो गए.

दार्जिलिंग में कुछ सालों के अंतराल के बाद आठ जून से फिर से शुरू हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद से यह पहली मौत है. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर पेट्रोल बम फेंके, पथराव किया और बोतल फेंके. इस पर सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज का सहारा लेना पड़ा.

हालात पर नियंत्रण के लिये सेना की टुकड़ियां तैनात की गई हैं और दार्जिलिंग और कुसर्यिांग समेत हिंसा प्रभावित पहाड़ी जिले के कई क्षेत्रों में सेना ने फ्लैग मार्च किया. वहां अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन बंद आज तीसरे दिन भी जारी रहा. दार्जिलिंग की पहाड़ियों में जारी आंदोलन के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर आंदोलन को प्रोत्साहित करने के आरोप लगाए. ममता ने दावा किया कि इसमें गहरा षड्यंत्र है.

बहरहाल हिंसक आंदोलन के लिए उन्होंने बीजेपी पर सीधे आरोप नहीं लगाए और दावा किया कि इसे पूर्वोत्तर के उग्रवादी समूहों और दूसरे देशों से समर्थन मिल रहा है. उनके बयान पर बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें हर चीज में षड्यंत्र दिखता है.