सड़कों के गड्ढे सपा-बसपा के भ्रष्टाचार के गड्ढे हैं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने भ्रष्टाचार और फिजूलखर्ची रोक कर और अनुत्पादक खर्चों में कटौती करके सरकारी खजाने के 30 हजार करोड़ रुपये बचाए हैं। वह विधान परिषद में बजट पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। योगी ने कहा कि उनकी सरकार का पहला बजट किसानों, गांवों, गरीबों, मजदूरों, महिलाओं, नौजवानों की उम्मीदों पर खरा उतरा हैै।

सरकार ने बिना जनता पर नया कर लगाए और केंद्र से सहायता लिए तथा बैंकों से कर्ज लिए बगैर अपने पहले बजट में यदि किसानों की कर्जमाफी के लिए 36000 करोड़ रुपये और कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देने के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का इंतजाम किया है तो इसके पीछे भ्रष्टाचार और फिजूलखर्ची रोकने के लिए सरकार की कड़ी मेहनत है। सरकार ने भ्रष्टाचार पर बेरहमी से वार करके 12000 करोड़ रुपये की बचत की है। फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाकर 8000 करोड़ रुपये बचाए हैं।

वहीं अनुत्पादक खर्चों में कटौती करके 10,000 करोड़ रुपये की बचत की है। योगी ने बताया कि किसी भी मंत्री के सरकारी मकान में पुताई के अलावा कुछ नहीं हुआ। न पर्दे बदले गए और न ही फर्नीचर। यहां तक कि किसी मंत्री को नई सरकारी गाड़ी नहीं मुहैया करायी गई। उनका निर्देश था कि मंत्री पुरानी गाड़ी से ही काम चलाएं। पिछली सरकारों में तो मंत्री अपने आवासों के बाथरूम पर ही लाखों खर्च करा देते थे। इस साल प्रदेश को ई-ऑफिस की व्यवस्था से जोडऩे का इरादा है। योगी ने कहा कि हमने बहुत मेहनत से बजट तैयार किया है। इसी मेहनत से विपक्षी घबराए हैं।

योगी ने कहा कि आज उप्र की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत की आधी है तो यह प्रदेश में अब तक शासन करते आए विपक्षी दलों की राजनीतिक अकर्मण्यता के कारण। भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट बताती है कि प्रदेश को लूटा नहीं, नोचा गया है। इसलिए जनता ने उन्हें जो जवाब दिया है, उसका सम्मान नहीं कर पा रहे हैं। सड़कों को गड्ढामुक्त करने का जिक्र करते हुए कहा कि सड़कों के गड्ढे सपा-बसपा के भ्रष्टाचार के गड्ढे हैं।

बकौल योगी, विपक्ष को यह आपत्ति है हमारे एजेंडे में किसान, महिलाएं, नौजवान और व्यापारी क्यों हैं, जिनको इन दलों ने अपना चरागाह समझ लिया था। उप्र अब किसी के लिए चरागाह नहीं बनेगा। कटाक्ष किया कि विपक्षी इसलिए पलायन कर गए क्योंकि उन्हें डर था कि सच्चाई कहीं सामने न आ जाए। जो चेहरे उन्होंने जनता के सामने पेश किए थे, वे कहीं बेनकाब न हो जाएं। अब प्रदेश की जनता उन्हें पलायन का रास्ता दिखाएगी।

योगी ने कहा कि अब तक पुलिस एक कुंठित विभाग था। मानव संसाधन की कमी से जूझने के साथ आधुनिकीकरण के लिए तरस रहा था। जब अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण दिया जाता रहा हो और दंगाइयों को स्टेट प्लेन से बुलाया जाता हो तो पुलिस का मनोबल गिरना स्वाभाविक है। निजाम बदलने पर अब पुलिस गोली चला रही है और अपराधी जान बचाकर भाग रहे हैं।