रिहाई के बाद भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को अब डर है किस बात का

16 महीने बाद आजाद हुए हैं चंद्रशेखर उर्फ रावण

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भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर को बीती रात रिहा कर दिया गया। योगी सरकार ने आजाद को समय से कुछ हफ्ते पहले ही रिहा करने का फैसला किया था और इसी के तहत उन्हें रिहा कर दिया गया लेकिन जेल से बाहर आते ही आजाद ने अंदेशा जताया है कि यूपी की योगी सरकार एक बार फिर उन्हें जेल भेज सकती है।

चंद्रशेखर को पिछले साल मई में सहारनपुर के शब्बीरपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद गिरफ्तार किया गया था और वो सहारनपुर जेल में बंद थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजाद को जमानत भी दे दी थी, लेकिन उनके ऊपर रासुका लगने की वजह से रिहाई नहीं हो पाई थी। अब 16 महीने बाद वो जेल से बाहर आए हैं। हालांकि खुद आजाद को तय समय से पहले अपनी रिहाई में सरकार की साजिश नजर आती है। उन्होंने आशंका जताई है कि सरकार और पुलिस चंद दिनों बाद किसी फर्जी मुकदमे में उन्हें फिर जेल भेज सकती है, और उनके खिलाफ फिर रासुका लगा सकती है।

आजाद का कहना है कि उन्हें चुनाव से हटाने के लिए ऐसी साजिश रची जा सकती है, इससे वह घबराने वाले नहीं हैं। देश में बहुजनों पर होने वाले हर अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे और इंसाफ मिलने तक चुप नहीं बैठेंगे। आजाद ने बीजेपी के खिलाफ बड़ा ऐलान भी कर दिया

आजाद की रिहाई के वक्त रात ढाई बजे भी बड़ी संख्या में उनके समर्थक जेल के बाहर मौजूद थे, भीम आर्मी समर्थकों ने उनका स्वागत किया और जुलूस निकालते हुए उन्हें उनके गांव छुटमलपुर ले गए। आजाद की रिहाई उनकी मां की अपील पर विचार करने के बाद सरकार ने की है, हालांकि माना जा रहा है कि असल समय से पहले ये रिहाई दलितों का गुस्सा कम करने के लिए की गई है।

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