पाक को आतंकी देश घोषित कराने वाले बिल का समर्थन नहीं करेगी केन्द्र सरकार

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केन्द्र की मोदी सरकार भले बात-बात में पाकिस्तान को सबक सिखाने की बात करती है। लेकिन, राज्यसभा में पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करने और मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा खत्म करने की मांग वाली प्राइवेट मेंबर बिल का केन्द्र सरकार समर्थन नहीं करेगी। दरअसल, निर्दलीय सांसद राजीव चंद्रशेखर ने पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करने के लिए ‘आतंकवाद प्रायोजक देश की घोषणा विधेयक, 2016Ó नामक एक प्राइवेट मेंबर बिल राज्यसभा में पेश किया था। चंद्रशेखर ने इसके साथ ही पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा खत्म करने की भी मांग की थी। मीडिाय रिपोट्र्स के मुताबिक सरकार ने अंतरराष्ट्रीय संबंध खराब होने का हवाला देकर इस बिल का समर्थन करने से इनकार कर दिया है।

समझदारी नहीं है पड़ोसी को आतंकी देश घोषित करना
मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बिल का विरोध करते हुए संसदीय सचिवालय को लिखा कि इससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। एक वरिष्ठ सरकारी अफसर ने कहा कि हमारे पड़ोसी देशों के साथ कूटनीतिक संबंध हैं, जिसमें व्यापार और उच्चायोग भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के तहत किसी भी पड़ोसी देश को आतंकी देश घोषित करना समझदारी नहीं होगी।
सासंद चंद्रशेखर ने यह दिया तर्क
राज्यसभा में पाक को आतंकी राष्ट्र घोषित करने के लिए प्राइवेट मेंबर बिल प्रस्तुत करते हुए सांसद चंद्रशेखर ने कहा था कि दशकों से भारत और इस क्षेत्र के अन्य देश पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों के हमले का शिकार होते रहे हैं। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से भारत, अफगानिस्तान, बंग्लादेश और दुनिया के कई हिस्सों में निर्दोष लोगों की जान गई है। वहीं, उड़ी हमले का जिक्र करते कहा था कि 18 सितंबर 2016 को हुए आतंकी हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे। यह भारत के खिलाफ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का हिस्सा था। जहां तक मेरे जेहन में बात आ रही है तो मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि पाकिस्तान वर्षों से जो हरकत कर रहा है, उसके लिए उसे एक ‘आतंकवाद प्रयोजक देश कह सकते हैं। इसीलिए इस विधेयक को यहां रखा गया है, ताकि पाकिस्तान पर जिम्मेदारी तय की जा सके।