CAG रिपोर्ट से अखिलश यादव सरकार सवालों के घेरे में, कई धांधली का खुलासा

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17वीं विधानसभा के चौथे दिन सदन में सीएजी की रिपोर्ट पेश की गई। इस रिपोर्ट के अन्तर्गत सपा सरकार में चलाई गई योजनाओं का खुलासा किया गया। साथ ही योगी सरकार ने इस पर कई सवाल जवाब किये।
सदन मे पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक, 2012-13 में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले की छात्रों की संख्या 3 करोड़ 71 लाख थी, जो 2015-16 में घटकर 3.64 करोड़ रह गई। वहीं, 2012 से 2016 तक करीब 6 लाख 22 हजार बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध ही नहीं कराई गईं। 32.21 फ़ीसदी बच्चों को स्कूल खुलने के 5 महीने बाद पुस्तकें उपलब्ध करायी गईं। 2010 से 2016 की अवधि में 18.35 करोड़ पुस्तकों के सापेक्ष 5.91 करोड़ पुस्तकें अगस्त या उसके बाद बांटी गईं।
011-12 में सर्व शिक्षा अभियान के तहत दो यूनि‍फार्म स्वीकृत किए गए थे, लेकिन छात्रों को एक ही यूनि‍फार्म दिए गए। वहीं, 2011 से 2016 तक 10 लाख 6 हजार बच्चों को 20 से 230 दिनों तक की देरी से यूनि‍फार्म उपलब्ध कराए गए। 97 हजार बच्चों को तो यूनि‍फार्म मिला ही नहीं, जबकि पैसे की कमी नहीं थी।
रिपोर्ट के अनुसार, सोनभद्र में 8 स्कूलों के निर्माण के लिए स्वीकृत 19 लाख 25 हजार रुपए निकाल लिए गए, लेकिन स्कूल आधा ही बना। राज्य के 1.6 लाख स्कूलों में से 50 हजार 849 में खेल के मैदान ही नहीं हैं, जबकि 57 हजार 107 में चारदीवारी नहीं पाई गईं। इसी तरह 2978 स्कूलों में पानी की सुविधा नहीं पाई गई और 1734 ऐसे स्कूल पाए गए जिनमें लड़के और लड़क‍ियों के लिए एक ही शौचालय था। वहीं, 34,098 स्कूलों में रुपए निकाल लेने के बावजूद बिजली नहीं पाई गई, जबकि इसके लिए 64 करोड़ 22 लाख रुपए खर्च होना पाया गया।
सीएजी रिपोर्ट में सपा सरकार के दौरान अवैध खनन से करोड़ों की हानि के बारे में भी बताया गया है। यूपी में बिना पर्यावरण की मंजूरी लिए ही तय समय से ज्यादा खनन किया गया, जिससे 179.57 करोड़ का नुकसान हुआ है। यही नहीं, मानकों को ताक पर रख कर कीमती खनिज का भी खनन किया गया, जिससे 282 करोड़ की चपत लगी। वहीं, रॉयल्टी के अपडेट न होने से 477.93 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी में 30 पट्टाधारकों ने ने तय सीमा से ज्यादा खनन किया। 40 पट्टा धारकों ने खनन के बाद वृक्षारोपण नहीं किया।