लखनऊ यूनिवर्सिटी में गर्ल्स टॉयलेट को तोड़कर प्रोफेसर ने बनवाया कमरा, साढ़े 3 लाख खर्च

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लखनऊ यूनिवर्सिटी में गर्ल्स टॉयलेट को तोड़कर समाज शास्त्र के पूर्व एचओडी रहे एक प्रोफेसर के लिए कमरा बनवाए जाने पर स्टूडेंट्स आक्रोशित हो गए हैं। स्टूडेंट्स ने प्रोफेसर का कमरा खाली कराकर ठीक उसी जगह पर फिर से गर्ल्स टॉयलेट बनवाए जाने की मांग की है। उन्होंने मांग पूरी न किए जाने पर प्रोटेस्ट करने की चेतावनी दी है।

लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में छात्रओं के शौचालय को तोड़कर पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राम गणेश यादव ने अपना कमरा बनवा लिया है। विभागाध्यक्ष पद पर रहते हुए प्रो. राम गणोश द्वारा शौचालय को तोड़कर बनवाए गए कमरे पर करीब साढ़े तीन लाख रुपए खर्च हुए।

समाजशास्त्र विभाग में करीब एक हजार विद्यार्थी बीए, एमए, एमफिल व पीएचडी कोर्सेज में पढ़ते हैं। इनमें से कई विद्यार्थियों की ओर से लिखित शिकायती पत्र शौचालय को लेकर वर्तमान विभागाध्यक्ष प्रो. डीआर साहू को सौंपा गया है।

छात्रों का कहना है कि टॉयलेट न होने की वजह से उन्हें बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समाजशास्त्र के स्टूडेंट ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि डिपार्टमेंट में गर्ल्स के लिए केवल एक ही टॉयलेट था। उसे अब तोड़कर उसकी जगह नया कमरा बनवा दिया गया है। इससे गर्ल्स को टॉयलेट जाने के लिए काफी लम्बी दूरी तय कर एक डिपार्टमेंट से दूसरे डिपार्टमेंट जाना पड़ रहा है। इससे स्टूडेंट्स का काफी टाइम वेस्ट हो रहा है।

एलयू के समाज शास्त्र के एचओडी प्रो. डीआर साहू भी स्टूडेंट्स के पक्ष में खड़े हो गए हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. एसपी सिंह को लेटर लिखा है। लेटर के जरिये गर्ल्स टॉयलेट को तोड़े जाने और वहां पर पूर्व एचओडी प्रो. राम गणेश के लिए कमरा बनवाए जाने पर ऑब्जेक्शन जताया है। प्रो. साहू ने स्टूडेंट्स के वापस टॉयलेट बनवाए जाने की मांग की है।

प्रो. साहू ने कहा- विभाग की इस बिल्डिंग के निर्माण के साथ ही यहां शौचालय भी बना हुआ था, इतने पुराने शौचालय को करीब एक वर्ष पहले तोड़कर पूर्व विभागाध्यक्ष ने अपने लिए अलग कमरा बनवा लिया गया जो कि गलत है।

प्रो. राम गणेश यादव का कहना है कि इस शौचालय की स्थिति ठीक नहीं थी और बहुत कम विद्यार्थी इसका प्रयोग करते थे। ऐसे में मैनें पूर्व कुलपति से यहां पर अपने लिए कमरा बनवाने की मांग की और निर्माण विभाग ने करीब साढ़े तीन लाख रुपये खर्च कर कमरा बनवाया। प्रो. डीआर साहू बेवजह की राजनीति कर रहे हैं।

एलयू के वीसी प्रो. एसपी सिंह के मुताबिक़ उन्हें अभी न तो स्टूडेंट्स और न ही समाज शास्त्र के एचओडी प्रो. डीआर शाहू की तरफ से कोई कंप्लेन लेटर मिला है। यदि इस मामले में कोई भी कंप्लेन आएगी तो उचित कार्रवाई की जाएगी।