ब्राह्मणों को लुभाने में जुटी बसपा, सतीश चंद्र मिश्र ने ली कमान

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यूपी चुनावों के पहले बीएसपी ने भी ब्राह्मणों को लुभाने की कोशिशें तेज कर दी हैं. बीएसपी ने रविवार को गोरखपुर से ब्राह्मण भाई चारा रैली की शुरूआत की. इस कार्यक्रम के लिए पार्टी के दूसरे नंबर के नेता सतीश चंद्र मिश्रा को और दूसरे ब्राह्मण नेताओं को लगाया गया है. ब्राह्मणों को पार्टी के लिए रिझाने की जिम्मेदारी कई बीएसपी नेताओं को मिली है जो प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में रैली कर ब्राह्मणों से बीएसपी में जुडने और वोट देने की अपील करेंगे.

  • ब्राह्मणों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है सपा  

रविवार को ब्राह्मण भाईचारा रैली की शुरूआत करते हए सतीश चंद्र मिश्रा ने चुन-चुनकर दूसरी पार्टियों में ब्राह्मण नेताओ के साथ हुए सुलूक को गिनाया और बीएसपी में मिले उन्हें सम्मान की चर्चा की. बीएसपी ने कहा कि बीजेपी को न सिर्फ ब्राह्मण के नाम से ही चिढ़ है बल्कि ये पार्टी ब्राह्मण विरोधी चरित्र की हो चुकी है. समाजवादी पार्टी को ब्राह्मण विरोधी बताते हए सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने चुन-चुनकर ब्राह्मणों को पार्टी से निकाला है, खासकर मंत्रियों को वो चाहे मनोज पांडे रहे हों या ओझा जी रहे हों.

बीएसपी ने गायत्री प्रजापति को मंत्रिमंडल से हटाए जाने और फिर से शामिल करने के मुद्दे को भी ब्राह्मण अस्मिता से जोड़ दिया. बीएसपी इसे भुनाने का कोई मौका हाथ से जाने देना नहीं चाहती, यही वजह है कि अपनी ब्राह्मण भाईचारा रैलियों में वो ये मुद्दा बना रही है. प्रजापति को तो सपा सरकार वापस ले रही है, लेकिन ब्राह्मण जिसे पार्टी ने मंत्री पद छीना उसे वापस लेने को तैयार नहीं है.

  • बीजेपी पर हमला 

मिश्रा ने कहा कि ये उद्योगपतियों की सरकार है और ये ही लोग सरकार को चला रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी उन्हीं के कहने पर काम कर रही है. अभी लखनऊ में आपने देखा अमित शाह जी आए थे, रैली में आए थे और रैली को देखकर इतना बौखला गए थे की परेशान हो गए थे और उन्होंने झूठ बोलने का काम किया. समाजवादी पार्टी के बारे में कुछ कहने की जरुरत नहीं, समाजवादी पार्टी को तो ब्राह्मणों के नाम से ही चिढ़ है. उनके वहां जितने भी मंत्री बनाए गए थे, चाहे वो मनोज पाण्डेय हो चाहे वो कोई और हो उन सबको उन्होंने बेइज्जत करके निकाला.

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