पाकिस्तान में हमें RAW एजेंट बताया गया, भारत आने पर बोले खादिम

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सोमवार को पाकिस्तान में लापता हुए दो भारतीय खादिम भारत लौट आए। इस बीच, नाजिम ने कहा है कि पाकिस्तान के एक अखबार ने उन्हें भारतीय खुफिया एजेंसी राॅ का एजेंट बताया था। बता दें कि नाजिम और आसिफ पाकिस्तान में अचानक लापता हो गए थे। भारत के दबाव में पाकिस्तान ने इनका पता लगाया। दूसरी ओर, सुब्रमण्यन स्वामी ने दोनों खादिमों पर सवाल उठाए हैं। इनमें हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह के मुख्य खादिम आसिफ अली निजामी और उनके भतीजे नाजिम अली निजामी हैं। दोनों खादिम और उनके परिजन सुषमा स्वराज से भी मिलेंगे।
सोमवार को भारत लौटने के बाद एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में नाजिम ने कहा- पाकिस्तान के एक अखबार ‘उम्मत’ ने हमारे बारे में गलत जानकारियां छापीं।
– नाजिम के मुताबिक, पाकिस्तान में एक उम्मत नाम का अखबार है। उसने हमें अपनी खबर में रॉ का एजेंट बताते हुए हमारी फोटो भी छापीं।
– नाजिम ने भारत सरकार, नरेंद्र मोदी, सुषमा स्वराज और राजनाथ सिंह का शुक्रिया भी अदा किया।
स्वामी ने उठाया सवाल
बीजेपी सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा- मेरे पास इंडिपेंडेंट इन्फॉर्मेशन है कि दोनों खादिम जो पाकिस्तान में लापता हुए थे वो वास्तव में देश के खिलाफ काम कर रहे थे।
क्या है मामला?
– खादिम और नजीम निजामी 8 मार्च को लाहौर की दाता दरबार दरगाह पर गए थे। इसके बाद उनके लापता होने की खबरें आईं।
– उनके परिवार के लोगों का कहना था कि आसिफ निजामी को लाहौर एयरपोर्ट पर अधूरे ट्रैवल डॉक्युमेंट्स होने का कारण बताकर रोका गया था।
– एक सूत्र ने बताया था कि खादिम लाहौर एयरपोर्ट से, जबकि दूसरे मौलवी कराची एयरपोर्ट से लापता हो गए।
– भारत सरकार ने और इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय हाई कमिश्नर ने यह मामला पाकिस्तान सरकार के सामने उठाया।
– बताया गया कि ये दोनों मौलवी अपने रिश्तेदारों से मिलने कराची गए थे। इसके बाद वे लाहौर में दाता दरबार की दरगाह पर गए थे।
– शनिवार को पाक ने भारत को बताया था कि दोनों मौलवियों का पता लगा लिया गया है और वे कराची में हैं।
– लंबे समय से दाता दरबार और निजामुद्दीन दरगाह के खादिम एक-दूसरे के यहां आते-जाते रहे हैं।
– आसिफ का पाक जाने का मुख्य मकसद कराची में अपनी बहन से मिलना था।
क्या बोले परिजन?
– आसिफ निजामी के बेटे अमीर ने कहा, “दोनों ठीक हैं। उनके भारत लौटने के लिए हम भारत सरकार का शुक्रिया अदा करते हैं।” अमीर, हजरत निजामुद्दीन दरगाह में सज्जादनशीन (मुख्य पुजारी) हैं।
– आसिफ के पोते इब्राहीम ने कहा कि उनके सही-सलामत वापस लौटने पर दरगाह में खास प्रार्थना की जाएगी।
पाकिस्तान में अलग-अलग दावे
– पाकिस्तानी मीडिया में खबरें आईं कि आईएसआई ने दोनों मौलवियों को गायब करवाया है।
– पाक खुफिया एजेंसियों को शक था कि दोनों का ताल्लुक मुहाजिर कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) से हो सकता है।
– हालांकि, आधिकारिक तौर पर पाक सरकार कहती रही कि आसिफ और नाजिम अपने श्रद्धालुओं से मिलने सिंध के अंदरूनी इलाकों में गए थे और वहां मोबाइल सेवा नहीं होने के चलते उनका परिवार से संपर्क नहीं हो पा रहा था।