भाजपा सरकार रिफॉर्म में नहीं ट्रांसफॉर्म में विश्वास करने वालीः अमित शाह

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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आज लखनऊ में यूपी के मन की बात में कहा कि हमारी सरकार रिफॉर्म में नहीं ट्रांसफॉर्म में विश्वास करती है। हमारे लोकतंत्र की जड़े मजबूत हैं। देश कैसा हो यह आपको तय करना है। शाह ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तंज किया कि कॉस्मेटिक तरीके से विकास नहीं होता है। लोकसभा चुनाव के दौरान मुलायम सिंह यादव को नरेंद्र मोदी के ’56 इंच का सीना…’ वाले उलाहने की याद ताजा करते हुए वह इसी रौ में बोले, ‘समस्याओं का दरिया है यूपी अखिलेश बाबू। यूपी को इस दरिया से निकालने के लिए जिगर चाहिए।’ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल की चुटकी लेते हुए कहा कि वह किसानों की कर्ज माफी का वादा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें मालूम है कि कांग्रेस सत्ता में नहीं आने वाली है। यह भी बोलने से नहीं चूके कि नरेंद्र मोदी की नोटबंदी की बाढ़ से डरकर कांग्रेस, सपा, बसपा, केजरीवाल और ममता सब एक प्लेटफार्म पर इकट्ठा हो गए हैं।

अमित शाह आज बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं से रूबरू थे। मकसद था युवाओं का मन टटोलकर विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की ओर से तैयार किये जाने वाले सूबे के विकास एजेंडे में उनकी आकांक्षाओं और सुझावों को भी शामिल करना। प्रदेश के 200 स्थानों पर सजीव प्रसारण के जरिये दिखाये गए युवा टाउन हॉल नामक इस कार्यक्रम में लखनऊ समेत अन्य स्थानों पर एकत्र युवाओं के सवालों के जवाबों के उन्होंने जरिये सियासी विरोधियों पर तीर चलाए। सपा-बसपा सरकारों का जिक्र करते हुए कहा कि एक ने जमीन कब्जा कीं, दूसरी ने पुतले बनवाए। संघीय ढांचे की दुहाई देते हुए राज्य सरकार पर प्रदेश के लोगों को केंद्रीय योजनाओं का लाभ न पहुंचाने की तोहमत लगायी। वहीं युवाओं से परिवर्तन के शंखनाद का आह्वान कर उप्र को सपा-बसपा मुक्त कराकर भाजपा को सत्ता सौंपने की अपील की। छात्रों से मुखातिब होने के बाद शाह उनके बीच गए जहां युवाओं में उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ रही। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद थे।

हम तो काले धन का लीकेज बंद करा रहे

नोटबंदी को लेकर मचे हाहाकार के बीच शाह से युवाओं ने इस बाबत कई सवाल किये जिनके जवाब में शाह ने कहा कि इस फैसले में गोपनीयता जरूरी थी। यदि पहले से पता होता तो सारा काला धन बैंकों में जमा हो जाता। काले धन और 2000 रुपये के नोट का कोई आपसी संबंध नहीं है। जब मोरारजी देसाई ने बड़े नोट बंद किये थे तो देश में 120 करोड़ रुपये के बड़े नोट चलन में थे जबकि आज 15.75 लाख करोड़ रुपये के बड़े नोट बाजार में हैं। अर्थव्यवस्था का आकार कई गुना बढ़ जाने के कारण सिर्फ 100 रुपये के नोटों से काम नहीं चलेगा। पहले तो काले धन के लिए दरवाजे खोल दिये गए थे, हम तो इसका लीकेज भी रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि बैंकों में लगी लाइनें तीन-चार दिनों में खत्म हो जाएंगी। इस फैसले के बाद जीएसटी लागू होने से अर्थतंत्र में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

खत्म करेंगे नौकरियों में भ्रष्टाचार

बेरोजगारी दूर करने के चुनावी वादों और नौकरियों में भ्रष्टाचार से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देते हुए शाह ने कहा कि उप्र में सरकारी नौकरियों में जातिवाद हावी है जिसे सत्ता में आने पर भाजपा दूर करेगी। यह भी बोले कि रोजगार का मतलब सिर्फ सरकारी नौकरी नहीं है। गुंडई के कारण उप्र में निवेश नहीं हो पा रहा है। कानून व्यवस्था सुधारकर निवेश आकर्षित किया जाएगा और निजी क्षेत्र में नौकरियों के अवसर बढ़ाए जाएंगे। भाजपा उप्र में सत्ता में आयी तो युवाओं को अपने जिले में रोजगार मिलेगा, उन्हें रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा।

स्वरोजगार में रुकावट बन रही राज्य सरकार

स्टार्ट अप व स्टैंड अप इंडिया जैसे कार्यक्रमों और मुद्रा योजना का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि युवा इनके जरिये स्वरोजगार के लिए प्रेरित हुए हैं लेकिन राज्य सरकार की व्यवस्था इनमें रुकावट बन रही है। इस रुकावट के बावजूद बदलाव आ रहा है।

लखनऊ का ट्रांसफार्मर जल गया

बिजली संकट को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि दिल्ली (केंद्र सरकार) में लगा बिजली कारखाना खूब बिजली बना रहा है। कारखाने से बिजली बाहर भेजने के लिए हाईटेंशन लाइन भी दुरुस्त है लेकिन लखनऊ (राज्य सरकार) में ट्रांसफार्मर जल गया है। इस ट्रांसफार्मर को उखाड़ फेंकने से ही आपको बिजली मिल पाएगी। यह भी तंज किया कि जिस प्रदेश में पूरे समय चाचा-भतीजा और बुआ की आपसी लड़ाई होती रहेगी, वहां बिजली मिलेगी कैसे?

जातिवाद के भूत को दफन कीजिए

जातिवाद के बरक्स विकास की राजनीति से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जातिवाद की राजनीति करने वालों को उप्र की जनता ने 2014 के लोकसभा चुनाव में शून्य पर ला दिया था। आपको यह प्रयोग विधानसभा चुनाव में भी दोहराना होगा। जातिवाद के भूत को हमेशा के लिए दफन कर दीजिए।

कल्याण और राजनाथ सरकारें रहीं मिसाल

एक अन्य सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि कल्याण सिंह और राजनाथ सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकारों के कार्यकाल में गुंडे या तो जेल के अंदर थे या उप्र से बाहर। इन सरकारों के दौर में उप्र में फिरौती के मामलों में 998 फीसद और शस्त्र चलाने के मामलों में 1300 प्रतिशत की गिरावट आयी थी।

अंदर घुसकर ठोंका और बल्लियों उछला जोश

युवाओं में देशभक्ति के उमड़ते सैलाब से बखूबी वाकिफ शाह ने उरी हमले के जवाब में सेना की सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र कर छात्रों को जोश से भर दिया। सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए उन्होंने जैसे ही यह कहा कि जब दुश्मन को सेना ने अंदर घुसकर ठोंका तो रोमांचित छात्र कुर्सियों से उछल पड़े और सभागार तालियों की गडग़ड़ाहट और सीटियों से देर तक गूंजता रहा।