संसद ना चलने पर BJD सांसद ने लौटाई सैलरी

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विंटर सेशन के दौरान संसद में कामकाज ना होने के बाद बीजू जनता दल से सांसद बैजयंत ‘जय’ पांडा ने सैलरी और डेली अलाउंस लौटा दिया। रविवार को पांडा ने कहा, ” पार्लियामेंट में जितने दिन काम नहीं होता मैं उतने दिन की सैलरी और अलाउंस लौटा देता हूं। और ये काम 4 साल से जारी है।” पांडा के इस फैसले की ट्विटर यूजर्स तारीफ कर रहे हैं|

ओडिशा से सांसद पांडा ने कहा, ”यह सिर्फ एक इशारा है, संसद की कार्रवाई में खर्चे की भरपाई का तरीका नहीं। हंगामे के चलते देश की बड़ी रकम बर्बाद हो जाती है।मेरा मन कहता है कि हम सांसद सभी फायदे लेते हैं। और जिस काम की उम्मीद हमसे होती है वो ठीक से करते नहीं। मैंने 16 साल में कभी हंगामा कर कार्रवाई नहीं रुकवाई।संसद में बेहतर तरीके से काम हो, इसके लिए मैं नियमों में बदलाव को सपोर्ट करता हूं। ये बड़ा उद्देश्य है, फिलहाल सैलरी लौटाकर कम वक्त में जितना बन सकता है, करता हूं।मैं दूसरों को ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। हर सांसद को खुद फैसला लेना चाहिए।हालांकि, लोकसभा में हंगामे के लिए ज्यादा सांसद जिम्मेदार नहीं होते। मेरा फैसला व्यक्तिगत है, हर किसी पर लागू नहीं हो सकता है|”

 केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने बीजेडी सांसद के सपोर्ट में कहा, ”सांसद ने सकारात्मक कदम उठाया है। इससे जनता को थोड़ी शांति मिलेगी, जो विंटर सेशन के ऐसे खत्म होने से आहत है।राजनेताओं को पब्लिक के बीच बन रही अपनी इमेज के बारे में सोचना होगा। ऑल पार्टी मीटिंग बुलाकर सेशन के हंगामे की भेंट चढ़ने लिए सैलरी लौटाने पर चर्चा करनी चाहिए।|”
पिछले साल लोकसभा स्पीकर को लेटर लिखकर पांडा ने संसद की कैंटीन में खाने पर मिलने वाली सब्सिडी खत्म करने की मांग की थी।पांडा ने कहा था, ”सरकार ने जनता से एलपीजी सिलिंडरों पर सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी, वैसे ही सांसदों को भी कैंटीन में मिलने वाली सब्सिडी को खुद ही छोड़ देना चाहिए, ताकि गरीबों को इसका फायदा मिल सके।”  आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, संसद भवन परिसर में चल रहीं आधा दर्जन कैंटीन में 2013-14 में करीब 14 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी गई|