चीनी मांझे का इस्तेमाल करने पर हो सकती है पांच साल की जेल

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मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को सिंथेटिक यानी चीनी मांझे पर रोक लगाने के सीधे निर्देश दिए हैं। इसकी अवज्ञा पर अधिकतम पांच वर्ष तक कारावास या अर्थदंड या दोनों सजा दी जा सकती हैं। भटनागर ने हाईकोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों का कड़ाई से पालन कराने को कहा है।

साथ ही हर हाल में प्रदेश के सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में यह तय करने को कहा है कि पतंग उड़ाने के लिए सिंथेटिक, सीसा लेपित या नायलॉन पतंग डोरी का निर्माण, स्टोरेज और बिक्री कतई न होने पाए। मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक में जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के प्रावधानों के तहत चीनी मांझों का प्रयोग करना दंडनीय अपराध है।

चीनी मांझे के प्रयोग पर लगाए गए प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने के लिए मुख्य सचिव ने एक ओर जहां चीनी मांझे के कारोबार पर लगाम कसने को कहा तो साथ ही इस कारोबार और मांझे का इस्तेमाल करने वालों को भी तलाश कर कार्रवाई करने को कहा है।