कांग्रेस के दो महीने के शासनकाल में पंजाब में 42 किसानों ने आत्महत्या की- बीजेपी नेता

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उप प्रधान हरजीत सिंह ग्रेवाल, पूर्व मंत्री मदन मोहन मित्तल तथा महासचिव मनजीत सिंह राय ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि कांग्रेस सरकार के दो महीने के शासनकाल में पंजाब में 42 किसान आत्महत्याएं कर चुके हैं। सूबे में गुंडागर्दी व गैंगस्टरों का राज हो गया है और कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया

मित्तल ने कहा कि सरकार अपने 60 दिनों के कार्यकाल में पूरी तरह से विफल साबित हुई है। किसानों की लगातार बढ़ रही आत्महत्याएं, धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाएं, कांग्रेसियों की गुंडागर्दी व गैंगवार ने सूबे की कानून व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। दो माह में सूबे में बिजली के अनगिनत कट, रेत-बजरी व दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी, निजी स्कूलों द्वारा मोटी फीस वसूली ने आम लोगों की कमर तोड़ कर रख दी है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि कैप्टन सरकार के पहले महीने में 16 किसानों ने आत्महत्या की थी। दूसरे माह में 26 किसानों ने आत्महत्या की। इसके लिए सीधे तौर पर सरकार जिम्मेवार है, क्योंकि कैप्टन ने विधानसभा चुनाव से पहले वायदा किया था कि उनकी सरकार बनने के बाद किसानों को कर्ज से मुक्त किया जाएगा।
ग्रेवाल ने कहा कि बिना पूर्व सूचना के पांच घंटे से लेकर 22 घंटों तक की बिजली कटौती की जा रही है। इसके अलावा कांग्रेसियों की गुंडागर्दी ने आम लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। कांग्रेसी कार्यकर्ता विपक्षी दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं या फिर उन्हें समर्थन देने वाले लोगों पर हमले कर रहे हैं। उनकी हत्याएं की जा रही हैं, लेकिन मुख्यमंत्री आंखें मूदें बैठे हैं।

निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली के मामले में भी कैप्टन की सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। भाजपा नेताओं ने कहा कि सूबे की ट्रांसपोर्ट यूनियनों पर कांग्रेसियों ने जबरन कब्जे कर लिए हैं। शराब माफिया का बोलबाला बढ़ रहा है, जबकि कैप्टन ने एक माह में नशा मुक्त पंजाब का सपना दिखाया था।