PAK में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पर ISIS के हमले में 61 की मौत, आतंकियों को अफगानिस्तान से मिल रहे थे ऑर्डर

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पाकिस्तान में बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पर सोमवार देर रात तीन आतंकियों ने हमला किया। इसमें 61 पुलिस ट्रेनी और अफसरों की मौत हो गई। वहीं, 118 घायल हुए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली है। पाकिस्तानी अफसरों के मुताबिक ये आतंकी सेना की वर्दी में सेंटर मे घुसे थे। इन्हें अफगानिस्तान से ऑर्डर मिल रहे थे। वहीं, जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकी मारे गए। हमले के वक्त कैम्पस में मौजूद थे 700 पुलिस कैडेट्स…
– इस्लामिक स्टेट की न्यूज एजेंसी अमाक ने हमले की जिम्मेदारी ली है। इसके मुताबिक, आईएस के तीन आतंकियों ने मशीन गन, ग्रेनेड और खुद को उड़ाकर इस हमले को अंजाम दिया है।”
– वहीं, बलूचिस्तान में टॉप मिलिट्री कंमाडर्स, जनरल शेर अफगान ने बताया कि हमलावर और उनके हैंडलर्स के बीच हुई बातचीत को इंटरसेप्ट किया गया है। ऐसा कहा जा रहा है कि सुन्नी आतंकी संगठन, लश्कर-ए-जांगवी (एलएजे) ने आईएस के साथ इस हमले को अंजाम दिया है। ये अफगानिस्तान में बैठे उनके साथियों से इंस्ट्रक्शन ले रहे थे।
– पाकिस्तानी अफसरों के मुताबिक, आतंकियों ने करीब 5 घंटे तक सेंटर पर तबाही मचाई।
– इस हमले में मारे गए और जख्मी पुलिस ट्रेनी और अफसरों को पाकिस्तान सरकार शौर्य पुरस्कार देगी।
कब किया हमला?
– आतंकियों ने क्वेटा के सरयाब रोड पर मौजूद ट्रेनिंग सेंटर के हॉस्टल में रात 11:10 बजे हमला बोला।
– हमले के वक्त कैम्पस में करीब 700 पुलिस कैडेट्स थे। कैम्पस में आतंकियों के घुसने के बाद वहां कम से कम 5 धमाकों की आवाज सुनी गई।
– बलूचिस्तान के होम मिनिस्टर मीर सरफराज बुगती ने बताया कि हमले के बाद पाक आर्मी ने आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया, जिसमें वहां से करीब 250 ट्रेनी पुलिसकर्मियों को सुरक्षित निकाला गया।
फिदायीन आतंकियों ने की थी बंधक बनाने की कोशिश
– बुगती ने बताया कि खुद को मुश्किल में देखकर दो आतंकियों ने खुद को ब्लास्ट करके उड़ा लिया, जबकि एक सिक्युरिटी फोर्स की गोली से मारा गया।
– फ्रंटियर कॉर्प्स के आईजी मेजर जनरल शेर अफगान ने बताया कि तीनों हमलावरों ने सुसाइड जैकेट पहन रखी थी।
सेना की वर्दी में कलाश्निकोव गन लेकर आए थे हमलावर
– एक कैडेट ने रिपोर्टर्स को बताया, “मैंने तीन लोगों को सेना की वर्दी में देखा। उनके हाथों में कलाश्निकोव थी और उनके चेहरे ढंके हुए थे।”
– “उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी और डॉर्मेट्री में दाखिल हो गए। मैं दीवार फांदकर बाहर आने में कामयाब हो गया।”
कैम्पस खाली कराया, सर्च ऑपरेशन जारी
– बुगती ने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर का कैम्पस चार घंटे के भीतर खाली करा लिया गया। सर्च ऑपरेशन अभी चल रहा है।
– बुगती ने बताया कि घायलों में ज्यादातर पुलिस कैडेट्स हैँ, जिन्हें क्वेटा के सिविल हॉस्पिटल, बोलन मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कुछ की हालत गंभीर है।
दो दिन पहले यहीं 2 कोस्ट गार्ड को मारा गया था
– बलूचिस्तान में आतंकी सिक्युरिटी फोर्सेस और सरकारी दफ्तरों पर कई हमले कर चुके हैं। यहां एक दशक से ज्यादा वक्त से बगावत चल रही है। यहां कई लोगों को मारा गया है।
– यह हमला उस घटना के एक दिन बाद हुआ है, जिसमें अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी के बंदूकधारियों ने दो कोस्ट गार्ड का गोली मार कर उनकी हत्या कर दी थी। यह घटना इसी प्रांत में ग्वादर पोर्ट के करीब जिवानी टाउन में हुई थी।
पाक में इस साल तीसरा सबसे बड़ा आतंकी हमला
– पाकिस्तान पर इस साल का यह तीसरा सबसे बड़ा आतंकी हमला है।
– इससे पहले 27 मार्च को गुलशन-ए-इकबाल पार्क पर हुए फिदायीन हमले में कम से कम 74 लोगों की मौत हुई थी। 338 घायल हुए थे।
– इसी साल अगस्त में क्वेटा के सिविल हॉस्पिटल पर फिदायीन हमला हुआ था, जिसमें 73 लोगों की मौत हुई थी। इनमें से ज्यादातर वकील थे।
अशांत क्षेत्र है बलूचिस्तान
– बलूचिस्तान पाकिस्तान का अशांत क्षेत्र है। काफी लंबे वक्त से वहां संघर्ष जारी है।
– यह हमला उस वक्त हुआ, जब पाकिस्तान ने करीब 500 से ज्यादा आतंकियों के बैंक खाते फ्रीज किए।
– हमले की क्या वजह थी और इसके पीछे कौन संगठन है, इस बात का अभी पता नहीं चल पाया है।