एटीएस अधिकारी राजेश साहनी की मौत की सीबीआई जांच होगी

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यूपी के एटीएस अधिकारी राजेश साहनी की संदिग्ध मौत के मामले की जांच सीबीआई करेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस मामले की सीबीआई जांच के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा जा रहा है.

एटीएस अधिकारी राजेश साहनी की संदिग्ध मौत को उत्तर प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया है. बुधवार को इस मामले की विस्तृत जांच सीबीआई से कराने को कहा है. प्रमुख सचिव (सूचना) अवनीश अवस्थी ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को रात में प्रमुख सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक से साहनी की दुर्भाग्यपूर्ण मौत के बारे में विस्तृत जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए इसकी जांच सीबीआई द्वारा कराई जानी चाहिए. मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस मामले की सीबीआई जांच के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा जा रहा है.

गौरतलब है कि पीपीएस अधिकारी राजेश साहनी ने मंगलवार को सर्विस रिवाल्वर से खुद की कनपटी पर गोली मार ली थी. उन्होंने अपने कार्यालय में दोपहर लगभग पौने एक बजे खुदकुशी की. साहनी 1992 बैच के प्रांतीय पुलिस सेवा के अधिकारी थे.

इससे पहले बुधवार को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने एटीएस के सहायक पुलिस अधीक्षक राजेश साहनी की असामयिक मृत्यु की समस्त परिस्थितियों की जांच के निर्देश अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन को दिए थे. एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि ‘पुलिस महानिदेशक ने एटीएस के सहायक पुलिस अधीक्षक राजेश साहनी की दुर्भाग्यपूर्ण मौत की परिस्थितियों की जांच के आदेश एडीजे लखनऊ जोन राजीव कृष्ण को दिए हैं .’

साहनी का अंतिम संस्कार बुधवार को लखनऊ के भैसाकुंड शमशान घाट पर किया गया. अंतिम संस्कार का कार्य उनकी बेटी द्वारा किया गया. इस मौके पर प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार तथा डीजीपी ओपी सिंह समेत तमाम आला पुलिस अधिकारी मौजूद थे.

अपर पुलिस अधीक्षक एटीएस साहनी के पार्थिव शरीर को पुलिस लाइंस, लखनऊ में गार्ड ऑफ आनर दिया गया तथा शोक परेड की गई. इस दौरान पुलिस महानिदेशक उप्र, अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन, पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ परिक्षेत्र एवं अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी,कर्मचारी मौजूद रहे. प्रमुख सचिव गृह, उप्र शासन, पुलिस महानिदेशक, उप्र सहित समस्त पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारीगण द्वारा लखनऊ स्थित भैसाकुंड में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई. पुलिस महानिदेशक ने उनके पारिवारिक सदस्यों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और उन्हें पुलिस विभाग की तरफ से हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया.

साहनी की मौत के बाद मामले की जांच की मांग राजनीतिक दलों के साथ सोशल मीडिया पर भी जोरशोर से उठ रही थी जिसके बाद डीजीपी ने मामले की जांच के आदेश दिए. पुलिस के अनुसार यह पता लगाया जा रहा है कि साहनी ने ऐसा कदम क्यों उठाया. मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था. साहनी (48) उत्तराखंड में हाल ही में पाकिस्तानी जासूस को पकड़ने के आपरेशन में शामिल थे. उन्हें कई और हाई प्रोफाइल मामले सुलझाने का श्रेय हासिल था.

source-NDTV