नाराज साधु-संतों ने राम मंदिर निर्माण के लिए CM से मुलाकात की

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राम मंदिर निर्माण को लेकर नाराज महंत सुरेश दास समेत कई साधु-संतों ने गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की। मुलाकात के दौरान सीएम योगी ने संतों को राम मंदिर निर्माण के लिए आश्वस्त किया। संतों से 25 मिनट की मुलाकात में सीएम ने भरोसा दिया है कि धर्म संसद में इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा होगी। मुलाकात के बाद संतों के चेहरे पर खुशी थी। संतों ने कहा कि सीएम ने हमें राम मंदिर मसले पर आश्वस्त किया है।

विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि मंदिर मुद्दे पर सीएम योगी ने कहा कि मामला कोर्ट में है। जल्द ही फैसला आएगा। सरकार राम मंदिर के मुद्दे को लेकर प्रयास कर रही है। 25 जून को होने वाले धर्म संसद में मंदिर निर्माण को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा होगी।

राम मंदिर निर्माण में हो रही देरी को लेकर संतों और धर्माचार्यों के विरोधी सुर मुखर होने लगे हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अयोध्या के संतों ने मुलाकात की है। इस मुलाकात में अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता भी शामिल थे।
मुलाकात करने पहुंचे संतों ने कहा, “मंदिर का मामला गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो हम देखेंगे कि 2019 में हमें क्या करना है।”

बता दें कि 25 जून को धर्म संसद का आयोजन किया जाना है। धर्म संसद में संघ परिवार से जुड़े लोगों के साथ ही दूसरे धार्मिक संगठनों के संत और महंत भी शामिल होते हैं। धर्म संसद में धार्मिक मुद्दों को लेकर चर्चा की जाती है।

सीएम योगी से संतों ने अयोध्या के विकास पर भी चर्चा की है। सीएम ने अयोध्या के विकास पर संतों को भरोसा दिया है।

वेद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि अयोध्या के 25 प्रमुख संत-महंतों की मुलाकात हुई। इसमें सरयू महोत्सव का खर्च सरकार ने उठाने का फैसला किया है। सीएम ने इसके लिए 10 लाख रुपए का आवंटन तत्काल प्रभाव से जारी किया है।

राम की पौड़ी अब अविरल जलधारा के रूप में बहेगा। घघरा नदी को अब सरयू नदी के नाम से जाना जाएगा। पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी के बीच में पड़ने वाले मार्गों पर प्लांटेशन किया जाएगा।

सीएम से मुलाकात करने पहुंचे संतों में महंत कमलदास, महंत सुरेश दास, महंत राजकुमार दास, बाबा शिवशंकर दास, बाबा नारायणी दास, सतेन्द्र दास, महेन्द्र दास , परमहंस दास (तपस्वीजी की छावनी), भरत दास और महंत रामदास समेत कई महंत मौजूद रहे।

राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने मंगलवार को कहा था कि अगर भाजपा 2019 का चुनाव जीतना चाहती है, तो उसे मंदिर का निर्माण शुरू कर देना चाहिए। दास ने यह भी कहा था कि अगर भाजपा ऐसा नहीं करती है तो उसे मुश्किल होगी।

उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा ने राम के साथ एक तरह से धोखाधड़ी की, वो सत्ता में राम के नाम से आई और फिर भूल गई। बता दें कि दास ने ये बातें केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के उस बयान पर कहीं, जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा के एजेंडा में हिंदुत्व और मंदिर के लिए जगह नहीं होगी।

नकवी के बयान के बाद राम जन्मभूमि न्यास के पूर्व महंत और दिगंबर अखाड़ा के परमहंस दास ने भी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि “अगर भाजपा 2019 में फिर से सत्ता में आना चाहती है तो उसे राम मंदिर बनाना ही होगा। अगर भाजपा ऐसा नहीं करेगी तो हम उसके खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे, इसके बाद उनकी हार निश्चित होगी।”

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से कुछ दिन पहले गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान राम मंदिर के मुद्दे पर सवाल किया गया था। नकवी ने कहा, “2019 के चुनावों में हिंदुत्व और राम मंदिर जैसे मुद्दों के लिए कोई जगह नहीं होगी, विकास ही हमारा एक सूत्रीय एजेंडा होगा। पीएम मोदी ही नहीं, भाजपा का भी मुख्य मुद्दा विकास है।”

source-Dainik Bhaskar