अमृतसर हादसे में केंद्र और पंजाब सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान

3
SHARE

पंजाब के अमृतसर में दशहरे के मौके पर रावण दहन के दौरान हुए हादसे ने पूरे देश को सन्न कर दिया है। इस ट्रेन हादसे में अब तक 61 लोगों की मौत की पुष्टि प्रशासन ने की है। घटना के बाद अपना इजराइल दौरा रद्द करके अमृतसर पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पीड़ित परिवारों को मुआवजे का ऐलान किया है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर शोक जताया है, केंद्र सरकार की तरफ से भी मुआवजे का ऐलान किया गया है।

पिछले कई साल से इस जगह दशहरे पर रावण दहन का आयोजन किया जाता रहा है। चश्मदीदों के मुताबिक रावण दहन के दौरान पटाखों की आवाज तेज होने की वजह से वहां मौजूद लोग ट्रेन के हॉर्न की आवाज नहीं सुन पाए और यह घटना हो गई।

जिस वक्त ये घटना हुई पंजाब के मुख्यमंत्री इजराइल दौरे के लिए दिल्ली में थे। वो इजराइल दौरा टाल कर अमृतसर लौटे। पंजाब सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया गया है। पंजाब सरकार ने राज्य में एक दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है। अमरिंदर सिंह ने कहा कि अमृतसर में हुए इस हादसे के बारे में जानकर स्तब्ध हूं। सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मदद मुहैया कराने का निर्देश दे दिया है। जिला प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाने को कहा है। उन्होंने हादसे की जांच के भी आदेश दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर शोक जताया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि अमृतसर में हुए ट्रेन हादसे से बहुत दुखी हूं। यह घटना हृदय विदारक है। मेरी गहरी संवेदना मृतकों के परिवारवालों के साथ है और मैं प्रार्थना करता हूं कि जल्द से जल्द घायल पूर्णतया स्वस्थ हों। अधिकारियों से बातचीत कर उन्हें तुरंत मदद के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार की तरफ से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने का ऐलान किया गया है।

इस दुखद घटना पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी शोक जताया है। उन्हीनों पंजाब सरकार और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पीड़ितों को फौरन मदद पहुंचाने की अपील की।

इस घटना के बाद रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा मौके पर पहुंच रहे हैं। पीड़ितों और उनके परिवारों और परिचितों की सहायता के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। घटना के बारे में जानकारी के लिए 01832223171, 01832564485 पर संपर्क किया जा सकता है।