इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी 79 हजार प्राथमिक शिक्षकों को राहत

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शैक्षणिक गुणांक के आधार पर नियुक्त प्रदेश के लगभग 79 हजार प्राथमिक शिक्षकों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है। कल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी नियुक्ति में एनसीटीई की गाइडलाइन को नजरअंदाज करने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट रिफर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में यह प्रकरण पहले से ही लंबित है। कोर्ट ने इस मामले यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है| कोर्ट तीन दिनों से इस मामले की सुनवाई कर रही थी। इस दौरान दोनों ओर के अधिवक्ताओं ने जोरदार बहस की। चूंकि सुप्रीम कोर्ट में याचिका पहले से ही लंबित है, इसलिए कोर्ट ने विरोधाभासी निर्णय बचने के लिए प्रकरण वही रिफर कर दिया|

सरकार ने बेसिक शिक्षा नियमावली में संशोधन करके शैक्षणिक गुणांक के आधार पर कई चरणों में लगभग 79 हजार नियुक्तियां की हैं। इनमें उर्दू शिक्षक भी शामिल हैं। इसको इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर 36 याचिकाओं के जरिए चुनौती दी गई थी। इन याचिकाओं में आधार लिया गया है कि 15वां 16वां संशोधन हाई कोर्ट द्वारा रद किया जा चुका हैचयनित अध्यापकों की ओर से अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी, सीमांत सिंह, विभू राय आदि ने एनसीटीई के नियम 9 बी की वैधता को भी चुनौती दी जिसमें टीईटी प्राप्तांक को वेटेज देने का निर्देश दिया गया है। याचीगण की ओर से अधिवक्ता अशोक खरे, नवीन कुमार शर्मा, प्रभाकर अवस्थी व विनय कुमार श्रीवास्तव आदि ने कहा कि 15-16वां संशोधन रद होने के बाद भी शैक्षणिक गुणांक पर नियुक्तियां की गई जो कि अवैध है|