अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में रमजान में गैर-मुस्लिम स्टूडेंट्स को नाश्ता और लंच न द‍िए जाने का आरोप

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) रमजान के दौरान खाने को लेकर कुछ लोगों का आरोप है कि रमजान के महीने में गैर-मुस्लिम स्टूडेंट्स के लिए हॉस्टल में नाश्ते और दोपहर के खाने की व्यवस्था नहीं की जा रही है। सिर्फ रोजे रख रहे स्टूडेंट्स के हिसाब से सेहरी और डिनर दिया जा रहा है। वहीं कुछ लोग ऐसी खबरों को खारिज भी कर रहे हैं।

यूनिवर्सिटी का सर सैय्यद डाइनिंग हॉल (नार्थ) जो आम दिनों में लंच के लिए स्टूडेंट्स से भरा रहता था, वहां शांति थी। डाइनिंग हॉल के इंचार्ज शम्सुद्दीन ने बताया, ”आम दिनों में सुबह 7 से 9 बजे तक नाश्ता और दोपहर 12 से 2.30 बजे तक लंच होता था। लेकिन रमजान के दिनों में सिर्फ सहरी और डिनर ही स्टूडेंट्स को दिया जाता है। जो गैर मुस्लिम स्टूडेंट हैं, वो अपने दोपहर के खाने का इंतजाम खुद करते हैं। वे आसपास के होटलों में जाकर खाना खाते हैं।”

यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट राजेश्वर ने बताया, ”रमजान के दिनों में काफी दिक्कत होती है। सुबह का नाश्ता और दोपहर का खाना यहां नहीं मिलता है। आसपास के होटलों में खाना पड़ता है। ये संभव नहीं है कि सुबह 3 बजे उठकर नाश्ता किया जाए। जो स्टूडेंट्स रोजा नहीं रखते हैं, उनके लिए ये बड़ी समस्या है।”

यूनिवर्सिटी के पीआरओ ओमर पीरजादा से जब इस मामले पर बातचीत की गई तो उन्होंने बताया, ”यूनिवर्सिटी में जो स्टूडेंट रोजा नहीं रखते थे, वो पहले आपसी सहमति से एक-दूसरे से साथ रहते थे। लेकिन इस बार स्टूडेंट्स ने डिमांड की कि हॉस्टल में लंच की सुविधा होनी चाहिए।इस पर एडमिनिस्ट्रेशन ने निर्णय लिया है कि स्टूडेंट्स को ऑन डिमांड हॉस्टल में ब्रेकफास्ट और लंच की सुविधा मिलेगी।”