अलीगढ़ की डॉक्टर दिव्या चौधरी को लिंग परीक्षण में जेल

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जीवन हॉस्पिटल की संचालिका डॉ. दिव्या चौधरी को लिंग परीक्षण के आरोप में आखिरकार जेल जाना पड़ा। जयपुर हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद डॉ. दिव्या ने बुधवार को सीकर जिले स्थित पीसीपीएनडीटी कोर्ट में समर्पण कर दिया।

कोर्ट ने दो घंटे की पुलिस रिमांड के बाद छह दिसंबर तक के लिए जेल भेज दिया। इस मामले में आरोपी उनके पति डॉ. जयंत शर्मा फरार हैं। सूबे का शायद यह पहला मामला है, जिसमें किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ को लिंग परीक्षण में जेल हुई है।

सीकर कोर्ट में समर्पण के बाद कोर्ट ने डॉ. दिव्या को दो घंटे के रिमांड पर पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान सीकर थाने में उनसे पूछताछ की गई। फिर कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मामले में दलाल महेश कुमार, रिंकू व अनिल पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।

जयपुर की पीसीपीएनडीटी सेल की टीम ने 16 अक्टूबर को शहर के विष्णुपुरी स्थित जीवन सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में छापा मारा था। आरोप था कि डॉ. दिव्या ने 30 हजार रुपये लेकर गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग बताया था। टीम ने दोनों के खिलाफ सीकर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। दोनों की गिरफ्तारी के लिए टीम ने कई बार यहां आकर दबिश दी थी।

30 अक्टूबर को सीकर की पीसीपीएनडीटी कोर्ट ने डॉ. दिव्या के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। राजस्थान के स्वास्थ्य सचिव व मिशन निदेशक (एनएचएम) नवीन जैन ने फोन पर बताया कि डॉ. दिव्या चौधरी ने 13 नवंबर को हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए 10 दिन में समर्पण करने को कहा था।