पीएम मोदी के दौरे से चौकन्ने हुए अखिलेश यादव, बीजेपी और पीएम मोदी पर साधा निशाना

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उत्तर प्रदेश में पीएम मोदी की सभाओं और कार्यक्रमों के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मोर्चा संभाल लिया है और वो राज्य में सत्तारूढ़ योगी सरकार के साथ ही पीएम मोदी पर भी हमलावर हो गए हैं। अखिलेश यादव ने कहा है कि सपा और बसपा के साथ आ जाने से प्रधानमंत्री मोदी का हाथ घुमाने अंदाज बदल गया है। उन्होंने कहा कि ‘आजकल मैं उनका भाषण नहीं सुनता, बल्कि हाथ चलाने का तरीका देखता हूं।’

रैली में पीएम मोदी के कुछ देर भोजपुरी में बोलने पर भी अखिलेश ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘लोकसभा चुनाव से पहले सपा व बसपा का तालमेल होने के बाद प्रधानमंत्री जी आजकल अपना हाथ कैसे घुमा रहे हैं, यह तो देखने लायक है। मोदी टेलीप्रॉम्पटर लगाकर रटा-रटाया भाषण पढ़ते हैं। अगली बार मैं भी इसकी मदद से कई भाषाओं में भाषण दूंगा।‘

अखिलेश यादव ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय में इलाहाबाद से चलकर लखनऊ पहुंची समाजवादी दलित चेतना साइकिल रैली  का स्वागत किया और इसी दौरान वह बीजेपी पर बरसे। अखिलेश यादव लगातार राज्य की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते रहे हैं कि नई सरकार नये काम करने की बजाय उन्ही के किए कार्यों का नए सिरे से शिलान्यास और उद्घाटन करा रही है। उन्होंने इसे फिर दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री तो लगातार हमारे सभी काम का शिलान्यास कर रहे हैं। उन लोगों ने कुछ काम किया ही नहीं तो नया क्या करेंगे। भाजपा कितने भी फीते काट ले सड़क हमारी ही है।

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का खर्च कम करने के बीजेपी के दावे पर अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के लोग बड़े विश्वास से झूठ बोलते हैं। पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे को छोटा करके कह रहे हैं कि पैसे बचा लिए। भाजपा ने बलिया को काटा है, हमारी सरकार आएगी तो हम बलिया को भी जोड़ेंगे।

अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे युवा समाजवादी साइकिल सवारों ने प्रदेश की हज़ारों किमी यात्रा में गाँव-गाँव, क़स्बों व शहरों में जाकर देखा कि भाजपा सरकार में विकास कार्य रुकने व समाजवादी पेन्शन को ख़त्म करने से प्रदेश में कितनी बेरोज़गारी व बदहाली है. लोगों का ग़ुस्सा अगले चुनावों में इन्हें उखाड़ फेंकेगा।

अखिलेश यादव के इन बयानों से साफ जाहिर है कि वो पीएम मोदी के दो दिवसीय दौरे का बीजेपी को फायदा नहीं लेने देना चाहते। राज्य में पीएम मोदी का दौरा भले ही विकास योजनाओं की सौगातें देने के नाम पर था लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि इसमें चुनावी फायदा भी देखा जा रहा है, अखिलेश यादव ने बीजेपी पर ताबड़तोड़ हमले करके अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की है।