अखिलेश यादव के सरकारी बंगले के एसी के पाइप, टाइल्स और स्विच उखड़े मिले

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यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सरकारी बंगला खाली करने पर विवाद खड़ा हो गया है. अखिलेश यादव के बंगले की चाभी जब सरकारी महकमे को मिली तो पता चला कि बंगले में एसी की फिटिंग समेत तमाम चीज़ें उखाड़ी हुईं हैं. अखिलेश के बंगले के अन्दर कथित तौर पर की गयी तोड़फोड़ पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में जुबानी जंग तेज हो गयी है. इस पर बीजेपी ने कहा है कि ये समाजवादी पार्टी की कुंठित सोच का नतीजा है. लेकिन समाजवादी पार्टी के लोगों का कहना है कि अखिलेश यादव जिस सरकारी बंगले में किरायेदार थे उसमें उन्होंने अपने परिवार की ज़रूरत और शौक के मुताबिक बहुत तरह की चीज़ें बना रखी थीं. क्योंकि ये सारी चीज़ें सरकारी नहीं थी इसलिए वो अपने साथ ले गए .

सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें वायरल हो रही हैं, उसमें दिख रहा है कि बंगले की टाइल्स उखड़वाई गई हैं. साथ ही एसी समेत कई चीजों को घर से निकाल लिया गया है. यहं तक की बिजली बोर्ड और स्विच भी गायब हैं. बता दें कि अखिलेश यादव ने शनिवार को 4 विक्रमादित्य मार्ग पर आवंटित बंगले की चाभियां संपत्ति विभाग को सौप दी हैं.’ जब राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारी योगेश कुमार शुक्ला से पूछा गया कि सोशल मीडिया पर ऐसी वीडियो क्लिपिंग वायरल हो रही हैं जिनमें दिख रहा है कि बंगले को खाली करने से पहले उसमें काफी तोड़फोड़ की गयी है, इस पर शुक्ला ने जवाब दिया,‘हम बंगले को देखेंगे कि उसे क्या नुकसान पहुंचाया गया है या फिर जो सामान संपत्ति विभाग द्वारा लगवाया गया था उसमें कोई वस्तु कम है उसके बाद ही हम बंगले के स्वामी को नोटिस देंगे.’

इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता ने इस वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा कि ऐसा पार्टी अध्यक्ष की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से किया जा रहा है. उपचुनाव में पार्टी की लगातार जीत के बाद विरोधी खेमा ऐसे वीडियो वायरल करा रहा है. इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि ”विपक्षी मकान को ‘व्हाइट हाऊस’ कह रहे हैं तो क्या वह खुद ‘ब्लैक हाऊस’ में रहते हैं.’ उधर दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने शनिवार को जारी एक बयान में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सरकारी बंगले को खाली करने से पहले की गई कथित तोड़फोड़ पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बंगले में तोड़फोड़ से उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा मुखिया अखिलेश यादव की कुण्ठा झलकी है.

उन्होंने कहा कि अखिलेश को मुख्यमंत्री रहते हुए ही इस बात का एहसास हो गया था कि वह दुबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं ले पाएंगें. इसीलिए मुख्यमंत्री रहते हुए ही उन्होंने अपने लिए एक शानदार बंगला सरकारी खर्च पर तैयार कराया था जिसमें सरकारी धन का जमकर दुरूपयोग किया गया था. उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद मजबूरी में वह बंगला उन्हें खाली करना पड़ा, लेकिन बंगला खाली करने से पहले जिस तरह उस विलासिता को छुपाने के लिए तोड़-फोड़ की गई वो शर्मनाक भी है और निन्दनीय भी.

त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उस बंगले से टाइल्स और टोंटिया, निकलवा कर अपनी हताशा को दर्शाया है और कई गम्भीर प्रश्न भी खड़े किए हैं। सपा और अखिलेश यादव को जनता को बताना चाहिए कि उन्होंने बंगले से टाइल्स क्यूं उखड़वाई.

source-NDTV