अखिलेश यादव ने कहा महागठबंधन तो बन कर रहेगा, बीजेपी कर रही ध्यान बंटाने का काम

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समाजवादी पार्टी की साइकिल यात्रा के समापन और दिल्ली में हुई सभा में मुलायम सिंह यादव का आशीर्वाद लेने के बाद अखिलेश यादव ने अब अपना पूरा फोकस आगामी लोकसभा चुनाव और कुछ राज्यों के विधानसभा चुनावों की ओर कर लिया है और इसकी तैयारी में जुट गए हैं। छत्तीसगढ़ में बसपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर बात नहीं बन पाई, इसे आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस को बड़ा झटका माना जा रहा था, लेकिन अखिलेश यादव अभी भी महागठबंधन को लेकर आश्वस्त हैं।

एक बड़े अखबार के कार्यक्रम में बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा है कि महागठबंधन तो बन कर रहेगा। अखिलेश यादव का कहना था कि बीजेपी के लोग ध्यान बंटाने के लिए कह रहे हैं कि महागठबंधन बन ही नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि नेता को लेकर भी कोई मसला नहीं है और लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने का है।

इस इंटरव्यू में अखिलेश यादव ने कहा कि समूचे विपक्ष की जिम्मेदारी होगी कि वह बीजेपी को कम से कम सीटों पर समेट दे जैसे कि सपा बीजेपी को 5 सीटों तक समेटना चाहेगी तो बसपा और आरएलडी शून्य पर और कांग्रेस दो सीटों पर समेटना चाहेगी। उन्होंने दावा किया कि सब दल मिलकर मुद्दे पर चुनाव लड़ेंगे।

अखिलेश यादव ने कहा कि वर्ष 2019 का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है और जनता मौजूदा सरकारों के कामकाज को ध्यान में रखकर फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि जनता के बीच भारतीय जनता पार्टी के काम का आकलन होगा, जनता देखेगी कि अच्छे दिन आए या नहीं। केंद्र सरकार के सबसे बडे़ फैसले नोटबंदी पर बहस होनी चाहिए कि नोटबंदी से किसका भला हुआ? बैंक क्यों घाटे में हैं? इस पर बहस होनी चाहिए कि जीएसटी से व्यापारी दुखी क्यों हैं?

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जातिवाद को खूब बढ़ावा दिया है। जब हम एक्सप्रेस वे और मेट्रो की बात कर रहे थे, तब ये लोग जातिवाद की बात कर रहे थे। बीजेपी ने मुझे याद दिलाया कि मैं बैकवर्ड हूं। सोचिए, जिस मुख्यमंत्री आवास में मैं रहा, उसे गंगाजल से धोया गया। क्यों? यह कौन सी रीति है? काम में मैं बीजेपी से कई गुना फॉरवर्ड हूं। हम मेट्रो, एक्सप्रेस वे समय से बना सकते हैं। जब हम लैपटॉप की बात कर रहे थे, तो भाजपाई कब्रिस्तान-श्मशान की बात कर रहे थे। अभी यूपी का सप्लीमेंटरी बजट पास हुआ, तो मुख्यमंत्री को सांप याद आने लगे। पर वह हमें नहीं कह रहे थे, वह सावधान खुद होना चाहते थे। शायद वह आस्तीन के सांपों से खुद के सावधान होने की बात कह रहे थे।