हमारा तो गुंडाराज, अब तो शिकायत की भी हिम्मत नहीं, बटन दबाने पर कमल क्यों, साइक‌िल क्यों नहीं

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सहारनपुर घटना पर सपा के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल की रिपोर्ट जारी करते हुए अखिलेश ने यादव ने कहा लोकतंत्र की जो तस्वीर द‌िखाई जा रही है वो खतरनाक तस्वीर है। आपने यूपी की जनता से कहा कुछ और था और कर क्या रहे हैं। हम पर आरोप लगता था क‌ि गुंडों की पार्टी है, थाने में गुंडे हैं। हमें भी गुंडा कहा गया क्योंक‌ि हम अगर नेतृत्व कर रहे हैं तो हम भी हुए। हमारे वक्त में हर घटना में टीवी में हमारी फोटो लगाकर खबरें चलाते थे। बदायूं की घटना में तीन महीने मेरी फोटो लगाकर खबर चलाई गई। अब किसी की हिम्मत नहीं है जो फोटो लगा दे।

अख‌िलेश यादव ने कहा हमारे समय में तो गुंडाराज कहा जाता था अब तो हिम्मत नहीं है किसी की शिकायत कर दें। अब सरकार की सहारनपुर से परीक्षा है कि वे अपने विधायकों और सांसदों पर कितनी कार्रवाई करेंगे। बाबा साहब की जयंती मना लेना वोट लेने का आसान तरीका है। छत्तीसगढ़ में जो घटना हुई है वो दुखद है। अब कितनी जान जाएगी? सरकार ने कहा था नोटबंदी से सबसे बड़ा नुकसान नक्सलवाद को होगा।

अखिलेश ने कहा ऐसी घटनाओं को रोकने के ल‌िए सरकार को रोडमैप तैयार करना होगा। सरकार आसानी से पता कर सकती है क‌ि असलहे और बारूद कहां से आ रहे हैं। बातचीत और सख्ती दोनों रास्ते खुले होने चाह‌िए। ये कोई छोटा मामला नहीं है।

अख‌िलेश ने कहा हर जगह बटन दबाने पर कमल को ही वोट क्यों जाता है, साइक‌िल पर क्यों नहीं जाता। अगर आदमी मशीन ठीक करता है तो आदमी ही खराब भी कर सकता है।

अखिलेश यादव की प्रेस कांफ्रेंस में महबूब अली ने सहारनपुर मामले की देते हुये बताया कि भाजपा के सांसद और पदाधिकारियों ने सहारनपुर में दंगे की साज़िश रची थी। इतिहास में पहली बार एसएसपी के आवास पर हमला हुआ । एसएसपी की पत्नी और बच्चों ने गौशाला में छुप के जान बचाई । जबकि विधायक संजय गर्ग ने कहा कि सहारनपुर में सुनियोजित तरीके से जबरन आतंक पैदा कर केसरिया गमछा का इस्तेमाल किया गया । लोगों का जाति धर्म पूछ कर पीटा गया । बाहर से आदमी ला कर दूधली गांव में हमला किया गया।एसएसपी के बंगले पे हमला कर तोड़ फोड़ करना इतिहास में पहली बार घटना हुई।