गठबंधन के बाद बोले अखिलेश, भाजपा के नेता-कार्यकर्ता शामिल होने के लिए बेचैन

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यूपी में सपा-बसपा गठबंधन के ऐलान के साथ ही सिर्फ यूपी ही नहीं पूरे देश की राजनीति गरमाई हुई है। भाजपा जहां इस गठबंधन को लगातार बेमेल बता रही है वहीं सपा-बसपा के नेता कह रहे हैं कि इस गठबंधन से भाजपा का सफाया हो जाएगा। ताजा हमला समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किया है और कहा है कि सपा-बसपा गठबंधन से भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से लेकर कार्यकर्ता तक हिम्मत हार बैठे हैं, भाजपा में भगदड़ मच गई है।

अखिलेश यादव ने कहा है कि बसपा-सपा में गठबंधन से न केवल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व व पूरा संगठन बल्कि कार्यकर्ता भी हिम्मत हार बैठे हैं. अब भाजपा बूथ कार्यकर्ता कह रहे हैं कि ‘मेरा बूथ, हुआ चकनाचूर’. ऐसे निराश-हताश भाजपा नेता-कार्यकर्ता अस्तित्व को बचाने के लिए अब बसपा-सपा में शामिल होने के लिए बेचैन हैं.

बताते चलें कि भाजपा इस गठबंधन के बाद लगातार 1995 के गेस्ट हाउस कांड की चर्चा कर रही है, हालांकि मायावती कह चुकी हैं कि वह जनहित में गेस्टहाउस कांड को भुला कर इस गठबंधन के लिए राजी हुई हैं। सपा-बसपा गठबंधन के तहत दोनों पार्टियों में यूपी में 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमति बनी है।

अखिलेश यादव ने इससे पहले गठबंधन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा था कि जब भाजपा से देश के संविधान व सौहार्द की रक्षा तथा दलितों, वंचितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों पर हो रहे उनके अन्याय व अत्याचार से लड़ने के लिए बसपा-सपा दोनों एक साथ आ गये हैं। ये एकजुटता भारतीय राजनीति को एक नयी दिशा देगी और निर्णायक साबित होगी।