अखिलेश यादव एक लाख के मुचलके पर रिहा

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उन्नाव से गिरफ्तारी के तीन घंटे बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को एक लाख का मुचलके पर रिहा कर दिया गया है। ये आदेश हसनगंज एसडीएम ने लखनऊ लौटने की शर्त पर रिहाई का आदेश दिया है।

रिहाई के बाद अखिलेश ने कहा कि जिला पंचायत सीट हथियाने के लिए यूपी सरकार की यह सोची समझी साजिश थी।

कानपुर-लखनऊ हाईवे पर नवाबगंज टोल प्लाजा और जाजमऊ में पुलिस के तगड़े बंदोबस्त के बीच पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का काफिला एक्सप्रेस-वे की ओर हो लिया। इसकी जानकारी पर पुलिस फोर्स ने हसनगंज टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी कर दी। हालांकि काफिला पहुंचते ही उसमें शामिल सपा कार्यकर्ता पुलिस के बंदोबस्त तोड़ आगे बढ़ गए। चेतावनी के बाद सपाइयों पर असर नहीं हुआ तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर सपाइयों को खदेड़ा और अखिलेश यादव को गिरफ्तार कर लिया। अखिलेश और सपा नेताओं को गिरफ्तार कर पुलिस कुंवर वीरेंद्र सिंह कृषि विज्ञान केंद्र धौरा और हसनगंज गेस्ट हाउस में बने अस्थाई जेल में ले गई।

कानपुर के जाजमऊ पुल पर भारी पुलिस बल तैनात था। अखिलेश यादव के एडवांस एस्कॉर्ट को पुल पर रोक लिया गया। अखिलेश यादव औरैया में कल हुए बवाल में पीटे गए पूर्व सांसद प्रदीप यादव से मिलने जा रहे थे। औरैया में किसी भी बवाल से बचने के लिए पुलिस की तैयारी है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जाजमऊ गंगा पुल पर गिरफ्तार करने के लिए पुलिस फोर्स मौजूद लगा दी गयी थी। उनको कानपुर के जाजमऊ में हिरासत में लेने की तैयारी थी।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के औरैया जाने की सूचना पर कन्नौज में बार्डर पर एसपी हरीश चंदर, एसडीएम सदर डॉ अरुण कुमार सिंह फोर्स के साथ डटे थे। सदर कोतवाली, ठठिया समेत कई थानों की फोर्स मौजूद थी। कानपुर में भी गिरफ्तार करने की तैयारी थी। कानपुर के बिल्हौर से सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम, विधायक अमिताभ बाजपेई, संजय लाठर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इनको कानपुर पुलिस लाइन लाया गया।