कांग्रेस की कश्मकश से खतरे में गठबंधन की संभावना, अखिलेश यादव भी नाखुश

53
SHARE

छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस के रवैये से नाराज होकर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने किनारा कर लिया और अपनी राह अलग कर ली। अब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी गठबंधन को लेकर कांग्रेस के रवैये पर नाखुशी जताई है और कहा है कि कांग्रेस को बड़ा दिल दिखाना चाहिए।

अखिलेश यादव ने बुधवार को महागठबंधन को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के लिए कांग्रेस को दिल बड़ा करना चाहिए, कांग्रेस को समान विचारधारा के दलों को साथ लेकर चुनाव लड़ना चाहिए। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि देरी होती रही तो अन्य दल भी अपने प्रत्याशी घोषित कर देंगे।

अखिलेश यादव ने बसपा प्रमुख के कदम के बाद डैमेज कंट्रोल की कोशिश भी की और कहा कि बसपा किसी के डर में फैसला नहीं करती साथ ही कांग्रेस पार्टी भी बहुत अच्छी पार्टी है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पार्टी होने के नाते गठबंधन की जिम्मेदारी कांग्रेस की है कि वह सभी दलों को साथ लेकर चले।

बताते चलें कि छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस प्रमुख विपक्ष की भूमिका में है, इन राज्यों में समाजवादी पार्टी या फिर बसपा की उपस्थिति नगण्य है। कांग्रेस अकेले ही बीजेपी को चुनौती देने यहां तक कि जीतने का दावा भी कर रहे है, ऐसे में वह इन दलों के साथ कम से कम सीटें शेयर करना चाहती है, बल्कि चाहती है कि सीटें न देनी पड़ें तो अच्छा है, इसीलिए वह इन राज्यों में गठबंधन को महत्व नहीं दे रही है। लेकिन कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में स्थिति आसान नहीं होगी। यहां तक कि समाजवादी पार्टी भी नाराज हो गई तो कांग्रेस को अपनी वर्तमान दो सीटें भी निकालना मुश्किल हो सकता है, ऐसे में देखना होगा कि बसपा के अलगाव के बाद पार्टी सपा के साथ कोई गठबंधन करती है या नहीं।