मायावती भले ही भीम आर्मी से दूरी बनाएं, अखिलेश यादव को नहीं है परहेज

रावण ने कहा है कि वह बीजेपी को हराने के लिए काम करेंगे

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बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद से भले ही किनारा कर लिया हो, लेकिन यूपी में महागठबंधन बनाने की कोशिश कर रहे अखिलेश यादव को आजाद या फिर किसी भी बीजेपी विरोधी से कोई परहेज नहीं। अखिलेश यादव ने कहा है कि चाहे आजाद हो या फिर कन्हैया, समाजवादी पार्टी में आना चाहते हैं तो उनका स्वागत है।

दिल्ली में एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में अखिलेश यादव से पूछा गया था कि कि चंद्रशेखर आजाद , जेएनयू में कथित नारेबाजी को लेकर चर्चा में आए उमर खालिद व पूर्व जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार जैसे युवा नेताओं की भूमिका को वह किस रूप में देखते हैं, तो उन्होंने कहा कि जो भी समाजवादी पार्टी में आने के लिए तैयार होगा, हम उन्हें स्वीकार करेंगे। हम गठबंधन के लिए हमेशा तैयार हैं।

बताते चलें कि इससे पहले रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बीएसपी चीफ मायावती ने भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद के उन्हें बुआ कहने पर ऐतराज जताया था और कहा था कि उनका ऐसे लोगों से कोई रिश्ता नहीं हैं।

चंद्रशेखर ने शुक्रवार को जेल से बाहर आते ही भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह उसके खिलाफ काम करेंगे। इसी दौरान उन्होंने मायावती को बुआ बताया था। मायावती ने इस तरह किसी रिश्ते को नाकारते हुए इसे भाजपा की साजिश बताया था।

हालांकि मायावती के बयान के बाद भीम आर्मी चीफ रावण की नई प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। आजाद ने कहा है कि बसपा एक राजनीतिक दल है और इससे हमारा कोई रिश्ता नहीं है। उन्होंने कहा मायावती हमारे समुदाय की हैं और रिश्ते में हमारी बुआ हैं, हमारे संबंध विच्छेद भी हो सकते हैं।