मुख्यमंत्री अखिलेश ने उठाई जनता की आवाज, नोटबंदी पर वित्त मंत्री को लिखा लेटर

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक पहल ने अखिलेश यादव के मंत्री को आगामी विधानसभा चुनाव में हार का डर सताने लगा है। लाखों करोड़ो में खेलने वाले मंत्री आज गरीब हो गए हैं। इसके चलते सीएम अखिलेश यादव ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर इस फैसले पर रोक लगाने की मांग की है। सीएम अखिलेश ने कहा कि 30 नवम्बर तक बंद नोट मान्य किये जायें। मोदी सरकार को नोट 500,1000 के नोट बंद करवाने के लिए 30 नवम्बर तक का समय देना चाहिए। अखिलेश ने कहा कि नोटबंदी के बाद से मरीजों की स्थिति जानलेवा हो रही है।
बता दें कि हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केन्द्र सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोट की वैधता अचानक खत्म किये जाने पर सवाल खड़े करते हुए इसे जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताया था।अखिलेश यादव ने आशंका जताई कि हो सकता है कि प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ऐसा किया गया है। अखिलेश ने कहा कि केन्द्र सरकार ने जिस तरह से 500 और 1000 रुपये के नोटों का चलन बंद किया है, उससे लोगों को अभूतपूर्व संकट का सामना करना पड़ रहा है।
‘केंद्र ने जल्दीबाजी में लिया फैसला’
बता दें कि सीएम अखिलेश यादव ने कहा था कि ‘केन्द्र सरकार ने जल्दबाजी में फैसला लिया है। प्रधानमंत्री इस कदम को उठाने से पहले संसद में इस पर चर्चा कर सकते थे।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि हम भी काले धन के खिलाफ हैं। यह (500 और हजार के नोटों का चलन बंद करना) कोई स्थायी समाधान नहीं है। हो सकता है कि यह उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को देखकर ऐसा किया गया हो। उनकी (भाजपा) तैयारी पूरी है नहीं। लोकसभा का सत्र भी होने वाला है।
अखिलेश ने उठाया ये बड़ा कदम
यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने 1000 व 500 रुपये के नोट बदलने के लिये नई व्यवस्था की है। इसके पहले सीएम अखिलेश ने पीएम नरेन्द्र मोदी को सलाह दी थी कि जिला स्तर पर नोटों को बदलने के लिये कैम्प लगाए जाएं, पर केन्द्र सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।नई व्यवस्था पर्यटकों के लिये की गई है, ताकि नोटों के बंद होने का प्रभाव यूपी के पर्यटन व्यवसाय पर न पड़े।
मिली जानकारी के मुताबिक शासन स्तर से सभी बैंकों से समन्वय स्थापित कर पर्यटकों के लिये अलग काउंटर का निर्देश दिया गया है। वाराणसी में विदेशी पर्यटकों के लिए बैंकों में अलग से काउण्टर स्थापित कराने के पीछे मकसद यही है कि विदेशी सैलानी अपने पुराने नोटों को आसानी से बदल सकें।