अखिलेश ने महिला सभा की अध्यक्ष रंजना बाजपेई सहित नौ को पार्टी से निकाला

37
SHARE

समाजवादी पार्टी ने सपा महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रंजना बाजपेई और पूर्व विधायक डॉ पीके राय सहित नौ नेताओं को पार्टी से बाहर कर दिया| इन सभी को कल छह वर्ष के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया|

रंजना बाजपेई पर आरोप है कि वो इलाहाबाद में अपने बेटे को भारतीय जनता पार्टी के चुनाव लड़वा रही हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजना बााजपेई पर पार्टी प्रत्याशियों का विरोध करने और दूसरे दलों का प्रचार करने का आरोप लगा है। रंजना बाजपेई को सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का करीबी माना जाता है|

 

उन्होंने ही डॉ.बाजपेई को महिला सभा का अध्यक्ष नियुक्त किया था। परिवार में संग्राम के दौरान वह शिवपाल-मुलायम के साथ खड़ी थीं। विधानसभा चुनाव भाजपा ने उनके बेटे को इलाहाबाद उत्तर से प्रत्याशी बनाया है। वह उसके प्रचार में लगी है।

सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने बताया कि डॉ.वाजपेयी को पार्टी के सभी पदों से बर्खास्त करने के साथ छह साल के लिए दल से निकाला गया है। रंजना बाजपेई के बेटे हर्षवर्धन बाजपेई को भाजपा ने इलाहाबाद उत्तरी सीट से प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर सपा-कांग्रेस गठबंधन से मौजूदा विधायक अनुग्रह नारायण सिंह प्रत्याशी हैं। पार्टी की तरफ से साफ किया गया कि रंजना लगातार भाजपा प्रत्याशी का प्रचार कर रही थीं|

सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीन आचरण के चलते रंजना को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। इससे पहले रंजना कांग्रेस और बसपा में भी रह चुकी है। वहीं उनके बेटे हर्षवर्धन ने पिछले चुनाव में इलाहाबाद उत्तरी सीट से ही बसपा से चुनाव लड़ा था|

इनके अलावा पार्टी ने कुशीनगर की सेवरही के पूर्व विधायक डॉ पीके राय को भी छह साल के निष्कासित कर दिया है|गठबंधन ने इस सीट को कांग्रेस के पाले में डाल दिया, जिसके बाद पीके राय ने बगावत करते हुए चुनाव लडऩे का ऐलान कर दिया। इनके अलावा बागी हुए घोसी के विजय यादव और संजय यादव, देवरिया सदर से विजय प्रताप यादव, रामपुर कारखाना क्ष्ज्ञेत्र के दयाशंकर यादव, जिला सचिव अवधेश राम, जिला महासचिव अरविंद सिंह पटेल और केन यूनियन के पूर्व चेयरमैन सुरेंद्र राय को भी छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है|